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दगा दे गई 4.5 करोड़ की विद्युत लाइन, लोग परेशान

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- दो साल बाद भी बिजली नहीं दे पा रहा कांशीराम विद्युत उपकेंद्र। - फोटो : amarujala
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उन्नाव। बिजली विभाग की लापरवाही सिविल लाइंस सहित नौ वार्डों में रहने वाले 40 हजार लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। कुंदनरोड से कब्बाखेड़ा विद्युत उपकेंद्र को आने वाली दशकों पुरानी 33 केवी लाइन पर भार कम करने के लिए कांशीराम कालोनी उपकेंद्र और नई लाइन बिछाने में 4.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यह विद्युत लाइन दगा दे गई। पुरानी लाइन में अक्सर फाल्ट से वीआईपी क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रों में कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है।
कब्बाखेड़ा विद्युत उपकेंद्र को उन्नाव-कानपुर रोड स्थित कुंदनरोड विद्युत केंद्र से 33 केवीए लाइन से आपूर्ति दी जाती है। यह विद्युत लाइन करीब 25 साल पुरानी है। इस दौरान आबादी और उपभोक्ताओं में तीन गुना से अधिक इजाफा हो चुका है। लाइन जर्जर होने से तार और जंफर टूट जाते हैं। इससे कई-कई घंटे आपूर्ति ठप रहती है। शुक्रवार को सुबह से शाम तक इस लाइन के तार चार बार टूटे। इससे छह घंटे बिजली गुल रही। इस समस्या से निपटने के लिए तीन साल पहले शासन ने 4.5 करोड़ की लागत से कांशीराम कालोनी में नया विद्युत उपकेंद्र, फीडर और कुंदनरोड से कांशीराम उपकेंद्र तक 16 किमी लंबी लाइन बिछाने की स्वीकृति दी। विद्युत आपूर्ति प्रणाली सुधार योजना के तहत इस काम को 2016 में पूरा कर लिया गया। निर्माण में गुणवत्ता से खिलवाड़ के चलते विद्युत लाइन में करंट ही नहीं दौड़ पाया।
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 बिना टेस्ट कर दिया भुगतान
नियमों के तहत विद्युत लाइन या पावर हाउस का काम पूरा होने के बाद 15 दिन टेस्टिंग की जाती है। पूरी तरह विद्युत भार होने और विद्युत लाइन या फीडर के सही तरीके से काम करने पर विद्युत सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट दिए जाने के बाद निर्माण कराने वाली एजेंसी को पूरा भुगतान किया जाता है। इस काम में बिना टेस्ट के पूरा भुगतान कर दिया गया।
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प्रयास कर रहे हैं: एसडीओ
विद्युत विभाग के एसडीओ राजकुमार ने बताया कि कांशीराम उपकेंद्र को चालू करने के कई बार प्रयास किए गए। विद्युत लाइन से उपकेंद्र तक करंट ही नहीं पहुंच पा रहा है। शनिवार को भी लाइन चालू करने का प्रयास किया गया। 15 स्थानों पर इंसुलेटर टूट गए। उन्होंने बताया कि कांशीराम विद्युत उपकेंद्र को चालू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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कराएंगे जांच: एक्सईएन
विद्युत विभाग के एक्सईएन आरके कृष्णानी ने बताया कि यह काम उनकी तैनाती से पहले हुआ था। इसलिए बिना लाइन चेक किए भुगतान के बारे में बता पाना मुश्किल है। जानकारी की जाएगी। उपकेंद्र को चालू करने का प्रयास किया जा रहा है।
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यह वार्ड हैं प्रभावित
सिविल लाइंस, पूरन नगर, बंदूहार, लोकनगर, कल्याणी देवी, गिरजाबाग, रामपुरी, दरोगाबाग और किशोरी खेड़ा।
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