जनपद के विद्युतविहीन 3766 मजरों की करीब तीन लाख की आबादी तक जल्द बिजली पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है। बिजली पहुंचाने के लिए डीएम सौम्या अग्रवाल ने पूरे काम की बागडोर खुद अपने हाथों में ली है।
डीएम ने विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर इन मजरों का सर्वे 15 मार्च तक करने व लोहिया गांवों में विद्युतीकरण का काम 31 मार्च तक हर हाल में पूरा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर काम में लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही होगी।
मालूम हो कि जनपद की 954 ग्राम पंचायतों से जुड़े 3766 मजरों में अभी विद्युतीकरण होना शेष है। आजादी के 66 साल बाद भी जनपद के तीन हजार से अधिक मजरों में बिजली नहीं पहुंची है। यह मजरे विद्युतविहीन हैं। बिजली न आने से यहां के ग्रामीण परेशान हैं।
अब तो स्थिति यह है कि इन मजरों में लोग अपनी बेटियों की शादी करने तक को तैयार नहीं हैं। कुछ ऐसे घर भी हैं जिनके यहां इलेक्ट्रानिक सामान मसलन टीवी, पंखा आदि उपकरण हैं लेकिन बिजली न होने से ये रखे हुए हैं। कुछ लोगों ने तो इन उपकरणों को कमरों से हटाकर भूसे के ढेर में रख दिया है।
मजरों में शाम ढलते ही गांव में दीये और लालटेन की रोशनी टिमटिमाने लगती है। कुछ बुजुर्गों का कहना है कि उनके जीते-जी बिजली आ जाए तो वह दिन उनके लिए सबसे बड़ा होगा।
विद्युतीकरण से अछूते जनपद के चयनित 92 लोहिया गांव भी हैं। इन ग्राम पंचायतों के कई मजरों में बिजली नहीं पहुंच पाई है। इस मामले को अमर उजाला ने अपने 2 फरवरी के अंक में ‘तीन हजार मजरे बिजली बिजली को तरसे’ शीर्षक से प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद डीएम ने इसे संज्ञान में लिया।
सोमवार को जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने विद्युतीकरण के लिए अधिकृत की गई सभी कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को 15 मार्च तक मजरों के विद्युतीकरण के लिए सर्वे का काम पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा डीएम ने कहा है कि लोहिया गांवों का विद्युतीकरण मार्च 2015 तक हर हाल में पूरा कर लें। ऐसा न होने पर संबंधित कार्यदायी संस्थाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना फेज-2 में इन मजरों को शामिल किया गया है। अधीक्षण अभियंता विद्युत एसके सक्सेना ने बताया कि आईवीआरसीएल कंपनी को विद्युतीकरण का ठेका अगस्त 2013 में दिया गया था। कंपनी द्वारा कार्य नहीं किया गया जिस पर ठेका निरस्त हो गया था।
इसके बाद विद्युत मंत्रालय व ग्रामीण विद्युतीकरण कारपोरेशन द्वारा यह निर्देश दिए गए थे कि जनपद में तहसीलवार अनुबंध करते हुए काम पूरा कराया जाए। इसके बाद मध्यांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा तहसीलवार ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए टेंडर मांगे गए।
जिले में योजना का कार्य तहसील हसनगंज में मेसर्स अपनाटेक कन्सल्टेंसी सर्विसेज प्रा. लि. को, पुरवा व सफीपुर में मेसर्स पावर सल्यूशन इंडिया लि. को, बीघापुर में उप्र समाज कल्याण निर्माण लि. और उन्नाव में एक्यूरेट ट्रांसफार्मस लि. को दिया गया है।
डीएम ने बताया कि सभी कार्यदायी संस्थाओं को कार्य करने के लिए आदेशपत्र पूर्व में ही निर्गत किए जा चुके हैं। अधीक्षण अभियंता ने डीएम को आश्वासन दिया कि हर हाल में सभी 92 लोहिया गांवों में विद्युतीकरण का कार्य मार्च 2015 तक विद्युत विभाग द्वारा करा लिया जाएगा।