-हाईवे पर हुए जानलेवा गड्ढों से सफर हुआ खतरनाक
-सड़क का डामर गायब, हिचकोले खाते सफर कर रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सफर करना खतरनाक हो गया है। सामान्य से कम बारिश में ही सड़क का डामर बह गया है। इससे जिल के परिक्षेत्र में हाईवे पर छोटे-बड़े मिलाकर 350 गहरे जानलेवा गड्ढे हैं जो हर दिन हादसे का कारण बनते हैं। इन गड्ढों से वाहन सवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कानपुर से लखनऊ के बीच की दूरी करीब 65 किलोमीटर है। इस समय उन्नाव बाईपास से बनी सीमा तक सड़क पर इतने ज्यादा गड्ढे हो गए हैं कि वाहन सवारों को इस हाइवे पर सफर करना मुश्किल हो गया है। इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा है। यहां से गुजरने वालों का सफर हिचकोले खाते ही बीतता है। जर्जर मार्ग पर आए दिन वाहन फंसते हैं जो जाम को बढ़ावा देते हैं।
गिट्टी व रोड़े के बीच फंसने से वाहन पंचर हो जाते हैं। जिससे उन्हें सड़क से हटाना काफी मुश्किल हो जाता है। अधिकांश गड्ढों का डामर बह जाने से उसकी बजरी पूरी सड़क पर फैल गई है। जो दोपहिया और साइकिल सवारों के लिए मुसीबत बन गई है। कानपुर-लखनऊ मुख्य मार्ग होने के कारण प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी वाहन के साथ चौपहिया व दोपहिया वाहन गुजरते हैं।
रोड सही होने से चार पहिया वाहन सवारों को लखनऊ पहुंचने में एक घंटे का समय लगता है। अब गड्ढों के बीच सफर करने में उन्हें दो से तीन घंटे का समय लग रहा है। इसके अलावा हर 10 कदम पर ब्रेक लगाने से पेट्रोल/डीजल की खपत भी बढ़ गई है।
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रोजाना हाईवे से निकलते हैं 25 हजार वाहन
कानपुर से लखनऊ हाईवे से रोजाना लगभग 25 हजार वाहनों का आवागमन होता है। जिनमें भारी व छोटे वाहन भी शामिल हैं। इनसे टोल के रूप में करीब 25 से 30 लाख की वसूली होती है। नियमानुसार, टोल चुकाने वाले वाहन सवारों को एनएचएआई द्वारा हिचकोले मुक्त सफर की व्यवस्था करनी चाहिए। एनएचएआई की ओर से इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जिम्मेदार बोले
हाईवे के गड़्ढों का चिह्नांकन कर लिया गया है। प्लांट में डामर मिक्सर आदि का काम शुरू करा दिया गया है। जल्द ही टीम लगाकर कोल्ड मिक्स मेटेरियल से गड्ढों को भराने का काम किया जाएगा। जल्द ही हाईवे को पूर्णरूप से गड्ढामुक्त कर दिया जाएगा।- सौरभ चौरसिया, परियोजना निदेशक एनएचएआई।