उन्नाव। जिला एवं अपर सत्र न्यायालय की कोर्ट नंबर तीन ने ब्लाक प्रमुख चुनाव वर्ष 2010 में हिंसा फैलाने वाले नामजद 32 आरोपितों को दोषमुक्त करार दिया।
चुनाव हराने के बाद बसपा प्रत्याशी ने बीघापुर कोतवाली में 32 नामजद समेत 250 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वर्ष 2010 में ब्लाक प्रमुख चुनाव हुए थे। बीघापुर क्षेत्र पंचायत सीट से बसपा प्रत्याशी रविशंकर पांडेय थे। उन्होंने 22 दिसंबर 2010 को बीघापुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोप था कि वह अपनी पांच गाड़ियों से अपने गांव से ब्लाक बीघापुर पुत्रवधू प्रियंका पांडेय पत्नी दीपक पांडेय के साथ मतदान स्थल बीघापुर जा रहे थे। उस दौरान पावर हाउस के सामने चुनावी रंजिश में सुरजन सिंह, दीपक सिंह, रिंकू सिंह सहित 32 लोगों ने लाठी डंडों व ईंट पत्थरों से हमला किया था। किसी तरह बचकर उन्होंने व अन्य ने जान बचाई थी।
मुकदमे की विवेचना बीघापुर कोतवाली में तैनात तत्कालीन एसआई तेजी राम वर्मा ने की और 23 सितंबर 2011 को सभी 32 आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। 14 साल से मुकदमा जिला एवं अपर सत्र न्यायालय की कोर्ट नंबर तीन में विचाराधीन था। बुधवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई पूरी हुई।
आरोपित पक्ष के अधिवक्ताओं और सहायक शासकीय अधिवक्ता विनय शंकर दीक्षित ने न्यायालय के समक्ष अपना अपना पक्ष रक्षा। दोनों ओर से दिए गए तर्कों को सुनने के बाद अपर जिला जज तृतीय ममता सिंह ने नामजद 32 आरोपितों को दोपहर सुनवाई के बाद दोषमुक्त करार दिया।
32 आरोपियों में यह भी थे शामिल
संजय सिंह, ज्ञानेंद्र बहादुर सिंह, सोमू सिंह, बच्चा सिंह, रमेश सिंह, डाॅ. मनीष सिंह, उदय प्रताप सिंह, लाल मास्टर, गुड्डू सिंह, राजा यादव, राजन सिंह,रामेश्वर सिंह, भूरे सिंह, पप्पू सिंह, महेंद्र सिंह,रामकरन सिंह, संदीप सिंह, राहुल सिंह, मंगला प्रसाद, पंकज सिंह, वीरेंद्र सिंह, मनीष सिंह, आनंद प्रताप सिंह, रामराज सिंह, बिधून सिंह, विनोद सिंह, शैलू सिंह, सूर्य प्रकाश सिंह व शरद सिंह।