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Unnao News: आठ खाद्य पदार्थों में मिलावट पर 2.55 लाख का जुर्माना

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उन्नाव। मैदा, दूध, पनीर आदि में मिलावट से जुड़े आठ मामलों में एडीएम वित्त राजस्व कोर्ट ने संबंधित दुकानदारों पर 2.55 लाख का जुर्माना लगाया है। दुकानदारों को 30 दिन में जुर्माना जमा करने के आदेश दिए हैं। इस समयावधि में जुर्माना जमा न करने पर वसूली की चेतावनी दी गई है।
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खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने पिछले साल विशेष चेकिंग अभियान चलाया था। इस दौरान दूध, पनीर, पेड़ा, मैदा, बेसन, रवा आदि के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। प्रयोगशाला में जांच के दौरान आठ नमूने फेल हो गए। रिपोर्ट के आधार पर यह मामले एडीएम वित्त राजस्व कोर्ट में दाखिल किए गए। जिसकी सुनवाई करते हुए एडीएम सुशील कुमार गोंड ने दुकानदारों पर 2.55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसमें सबसे ज्यादा जुर्माना बेसन व रवा से जुड़े दुकानदारों पर लगाया गया। दोनों नमूनों की जांच रिपोर्ट में पैकेट पर लिखी जानकारी भ्रामक साबित हुई।
बेसन व रवा के एक किग्रा के पैकेट में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट व वसा की मात्रा क्रमश: 23.34, 57.84 और 4.62 प्रतिशत होने की जानकारी दी गई थी। जबकि जांच में यह 22.84, 48.20 और 3.65 फीसदी ही पाई गई। लोगों को झूठी जानकारी देकर भ्रमित करने पर निजी कंपनी एक्साइन ब्रांड पर दो लाख का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा मिश्रित दूध (गाय, भैंस का) में पानी की ज्यादा मिलावट पाए जाने पर बिक्री करने वाले प्रेम कुमार बखिराखेड़ा पर पांच हजार, पनीर के तीन नमूनों में फैट अधिक मिलने पर 30 हजार का जुर्माना लगाया गया।
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पेड़ा में रंग की मिलावट मानक से ज्यादा मिलने पर दुकानदार केशव प्रसाद मिर्जापुर पर भी पांच हजार का अर्थदंड लगाया गया। बेसन के लड्डू व रंगीन कचरी में रंग की मिलावट ज्यादा मिलने पर खुर्द मोहान के दुकानदार शुभम और देवेंद्र यादव पर पांच-पांच हजार का जुर्माना लगाया गया।
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इनसेट-

चेकिंग और जुर्माने की यह है प्रक्रिया

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग बाजार में बिकने वाली खानपान की वस्तुओं पर निगरानी रखता है। चेकिंग के दौरान जो सैंपल लिए जाते हैं उन्हें प्रयोगशाला भेजा जाता है। जांच रिपोर्ट आने पर यदि साधारण मिलावट (स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं) की पुष्टि होती है तो एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाता है। एडीएम मामले की सुनवाई करते हैं और मिलावट की गंभीरता पर आर्थिक जुर्माना लगाते हैं। वहीं, जिन मामलों में ऐसी मिलावट पाई जाती है उनसे जुड़ा वाद कोर्ट में दायर किया जाता है। इन मामलों में मिलावट करने वाले को सजा और जुर्माना दोनों सुनाया जाता है।


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कोटजिन सैंपलों की रिपोर्ट प्रयोगशाला से आई है, वह सभी मिथ्याछाप व अधोमानक पाए गए हैं। इसी कारण सभी मामलों में संबंधित दुकानदारों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया गया। इसमें सभी पर जुर्माना लगाया गया है।
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- शैलेश कुमार दीक्षित, मुख्य खाद्य निरीक्षक
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