फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

24 घंटे में 28 और मरीज पहुंचे जिला अस्पताल

Mon, 06 Jun 2016 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
विज्ञापन
जिला अस्पताल में एक बेड पर भर्ती डायरिया पीड़ित बच्चे - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
उमस भरी गर्मी के साथ ही डायरिया का हमला और तेज हो गया है। जिला अस्पताल में डायरिया पीड़ित युवती समेत दो लोगों की मौत हो गई। 24 घंटे में 28 और मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मरीजों की भरमार से जिला अस्पताल में बेड कम पड़ गए।  एक बेड पर दो-दो मरीजों का  इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन


माखी थाना क्षेत्र के बिरसिंही निवासी शिवकांती(18) पुत्री रामभजन व शहर के कृष्णानगर मोहल्ला निवासी सुशीला(65)पत्नी मैकूलाल को उल्टी दस्त आने पर  शनिवार देर रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार तड़के दोनों की इलाज के दौरान मौत हो गई।
इनके अलावा जिला अस्पताल में माखी गांव निवासी खुशी(4)पुत्री रामबाबू ,सिलौली गढ़ी निवासी लक्ष्मी (35) पत्नी राम सिंह, अटवा निवासी गंगाजली (70), शहर कोतवाली क्षेत्र के ललऊखेड़ा निवासी नागेंद्र(19), पीडी नगर की मिली(2)पुत्री रामजी, कंदरपुर के इंद्रपाल(65), लोकनगर की सन्नो(55), प्रिया(17)पुत्री सत्य प्रकाश दीक्षित, जवाहर नगर के नईम अहमद(80), ककराहाबाद के मोहम्मद असगर(28), रिशा बानो(6) अरसन, कांशीराम कालोनी के मोहम्मद सारिक(24), गांधी नगर के अनुराग(2)पुत्र राजेश, कल्याणी के अनूप कुमार(3) पुत्र अशोक, बीडी तिवारी(84) आदर्श नगर के अवनीश(21)पुत्र ओम प्रकाश, संजना(8 माह) पुत्री राजू, पुलिस लाइन की पुष्पा देवी(24)पत्नी हरीलाल, हसनापुर की सोनी(20)पुत्री विनोद, गुलाबखेड़ा के ज्ञानप्रकाश(12)पुत्र मोहनलाल, बेहटा देवारा की राधा(21)पुत्री शिवबहादुर के अलावा अचलगंज की राजकुमारी(60), पड़री के कान्हा(1)पुत्र विमलेश को परिजनों ने उल्टी दस्त आने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।  
विज्ञापन



आईवी सेट न लगने से तड़पते हैं बच्चे
जिला अस्पताल में आने वाले डायरिया पीड़ित बच्चों को कई-कई घंटे तक आईवी सेट नहीं लग पा रहे हैं। बच्चों को आईवी सेट लगाने में नर्स व स्वास्थ्य कर्मचारियों को पसीने छूट रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि डिहाईड्रेशन के बाद बच्चों की नस सिकुड़ जाती हैं। इससे वह आसानी से पकड़ में नहीं आती। इससे ग्लूकोज चढ़ाने के लिए आईवी सेट लगाने में मुश्किलें आती हैं। आसानी से आईवी सेट न लग पाने से डायरिया पीड़ित बच्चों को कई-कई घंटे तक तड़पना पड़ता है।  


हीट स्ट्रोक से करें बचाव
जिला अस्पताल में तैनात डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक  का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में सिर को ढक  कर घर से बाहर निकला जाए। हीट स्ट्रोक से जान का खतरा हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें