उन्नाव। कच्चे घर या खुले आसमान के नीचे तिरपाल आदि तानकर रह रहे गरीबों को मुख्यमंत्री आवास योजना से जल्द पक्की छत मिलने का रास्ता साफ हो गया है। योजना के तहत 2165 लाभार्थियों को काम शुरू कराने के लिए उनके खातों में पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये भेज दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत लाभार्थी को प्रदेश सरकार तीन किस्तों में 1.20 लाख रुपये की धनराशि देती है। तीनों किस्तें समान होती हैं। योजना में उन गरीब पात्रों को शामिल किया जाता है जो प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास से वंचित हैं। साथ ही दैवी आपदा से प्रभावित हैं। दिव्यांग हैं या कुष्ठ रोगी या नट बिरादरी के लोग हैं।
अमूमन ऐसे लोगों पर किसी की नजर नहीं पड़ती है। जबकि असलियत में यह सबसे ज्यादा जरुरतमंद होते हैं। इस साल ऐसे ही 2165 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की सूची में शामिल किया गया है। सूची में दिव्यांगों को सबसे पहले प्राथमिकता दी गई है। कुल लाभार्थियों में 1728 दिव्यांग हैं। इसके अलावा बारिश में गिरे कच्चे घर के 415 पीड़ितों को पक्के आवास के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना में शामिल किया गया है। सूची में आठ कुष्ठ रोगी व 14 नट बिरादरी के लोग भी शामिल हैं। सभी के खातों में 40 हजार की पहली किस्त भेज दी गई है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना में इस बार जिले को 2165 का लक्ष्य मिला है। जिसके सापेक्ष शत प्रतिशत लाभार्थियों का चयन करके सूची तैयार कर ली गई है। इसमें दिव्यांगजन, दैवी आपदा से प्रभावित, कुष्ठ रोगी व नट बिरादरी के लोग शामिल किए गए हैं। सभी को पहली किस्त भेजकर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। काम शुरू कराने के बाद लाभार्थियों द्वारा की गई मांग पर दूसरी किस्त उपलब्ध कराई जाएगी। -कमलेश कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए