उन्नाव। पंचायतीराज विभाग की ओर से चलाई जा रही स्मार्ट विलेज योजना के दायरे में दो और गांव आएंगे। विभाग ने दो और गांवों का चयन कर लिया है। अब इन गांवों की गलियों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ ही स्कूल के एक कमरे में स्मार्ट रूम बनाने की कवायद जल्द चालू कर दी जाएगी।
मालूम हो कि पंचायतीराज विभाग ऐसे गांवों को स्मार्ट बनाने में जुटा है जिनके पास अपने आय के साधन हों। पहले चरण में विभागीय अधिकारियों ने सिकंदरपुर सरोसी के गांव मरौंदा सूचित और सुमेरपुर के जगतपुर का चुनाव किया। इन गांवों के पास खुद की आय के स्रोत हैं। दोनों में ही बाजार होने के कारण ग्राम पंचायत को उनसे किराये के रूप में आय होती है।
पंचायतीराज विभाग ने इन चयनित गांवों को आधुनिक विकास के साधनों से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। अब अगले चरण के दो और गांवों का चयन किया गया है। इनमें बिछिया का अलगनगढ़ और बांगरमऊ का मऊ है। अलगनगढ़ में ग्रामसमाज की जमीन पर एक फैक्ट्री बनी है।
वहीं मऊ का भी खुद का आय का साधन है। इन चयनित गांवों की हर गली में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। गांव के प्राथमिक विद्यालय में एक स्मार्ट रूम बनाया जाएगा। साथ ही एक शुद्ध पेयजल के लिए एक आरओ सिस्टम भी स्थापित होगा। इसके अलावा गांव में विकास के अन्य कार्य भी कराए जाएंगे। कुल मिलाकर इन दोनों गांव को विदेशों के स्मार्ट विलेज की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
यह भी होंगे काम
गांव में पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम
मॉडल रूम में प्रोजेक्टर व एलसीडी
हर घर में शौचालय
दो और गांवोें का किया चयन
कमिश्नर के आदेश पर जिले के दो गांवों को मरौंदा सूचित व जगतनगर को स्मार्ट विलेज बनाया जा रहा है। इसके अलावा दो अन्य गांव अलगनगढ़ और मऊ को भी स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। -राजेंद्र प्रसाद यादव, जिला पंचायतराज अधिकारी
-पंचायतीराज विभाग ने अगले चरण के लिए किया चयन
-गांव की गलियों में लगेंगे सीसीटीवी, स्कूल के एक कमरे में बनेगा स्मार्ट रूम
अमर उजाला ब्यूरो