उन्नाव। किशोरी से दुष्कर्म करने वाले युवक को न्यायालय ने 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 50 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने तहरीर देकर बताया था कि कक्षा नौ में पढ़ने वाली उसकी 15 वर्षीय बेटी कुछ दिनों से विद्यालय नहीं जा रही थी। 30 दिसंबर 2023 की शाम करीब चार बजे वह विद्यालय के पास स्थित साइबर कैफे जाने की बात कहकर घर से निकली थी। देर शाम तक न लौटने पर काफी खोजबीन की लेकिन कहीं पता नहीं चला। उसके दोनों मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ हो गए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की और कुछ दिन बाद किशोरी को खोज लिया। किशोरी ने अपने बयान में बताया कि बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के शीतलगंज के भवंतपुर गोटापाली मोहल्ला निवासी रिजवान अहमद उसे बहला-फुसलाकर ले गया और एक घर में रखकर दुष्कर्म किया। बयान के आधार पर पुलिस ने रिजवान के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर 11 जनवरी 2024 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
मुकदमे के विवेचक तत्कालीन उपनिरीक्षक राजेश कुमार दीक्षित ने 11 मार्च 2024 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमा विशेष पाक्सो न्यायालय में विचाराधीन था। सोमवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। न्यायाधीश विवेकानंद विश्वकर्मा ने विशेष लोक अभियोजक की दलील और पुलिस की ओर से दिए गए साक्ष्यों के आधार पर रिजवान के दोषी साबित होने पर 20 साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड जमा न करने पर दो साल के अतिरिक्त कारावास का फैसला सुनाया है।