उन्नाव। व्यवसायिक बैंकों के 17 हजार से अधिक एनपीए खाताधारक कर्जमाफी योजना से बाहर हो गए हैं। बैंक और तहसील प्रशासन के सत्यापन में खामियां सामने आने पर यह खाताधारक योजना से वंचित हो गए। शेष 6 हजार खाताधारकों को कर्जमाफी का लाभ दिलाने के लिए फाइल सीडीओ के पास भेजी गई है।
यूपी सरकार की किसानाें के लिए कर्जमाफी योजना में जिले से 61 हजार से अधिक किसानों का फसलीऋण माफ किए जाने का दावा कृषि विभाग कर रहा है। योजना का लाभ पाने वाले इन किसानों में एनपीए श्रेणी के खाताधारक शामिल नहीं थे। इसके बाद सरकार ने नान परफार्मिंग एसेट (एनपीए) खाताधारकों को भी योजना के दायरे में लाने की कवायद शुरू की। आदेश के बाद प्रशासन ने एनपीए खाताधारकों की सूची बैंकों से तलब की। बैंक ने 23613 किसानों की सूची प्रशासन को भेजी। सत्यापन में 17469 किसान योजना से बाहर हो गए। बताया जाता है कि कई ने दो जगह आधार लगाया। वहीं कुछ के पास आठ बीघे से ज्यादा भूमि निकली। कुछ गांव में नहीं मिले। इससे इनका आधारकार्ड नहीं मिल पाया। शेष 6144 एनपीए खाताधारकों को चयनित किया गया है।
इंसेट-1
बैंक को वहन करना होगा 25 प्रतिशत
कामर्शियल बैंकों के एनपीए खातों का एक लाख रुपये तक का लोन माफ होना है। इसमें 75 प्रतिशत पैसा सरकार देगी। शेष 25 फीसदी धनराशि बैंक को वहन करनी है। जानकारों की मानें तो एनपीए श्रेणी में खाता तब पहुंच जाता, जब देनदार अपने बैंक को ईएमआई देने में असफल रहता है। तब उसका लोन खाता बैंक एनपीए में डाल देता है। कामर्शियल बैंकाें में एसबीआई और यूनियन बैंक को छोड़कर अन्य 21 बैंकें एनपीए खातों को कर्जमाफी का लाभ देने को तैयार हैं।
इंसेट-2
शिकायत दर्ज कराने की तिथि बढ़ी
बैंक की गलती या लापरवाही से योजना से बाहर हुए किसान अब 15 अप्रैल तक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिनके खाता और आधार नंबर में गलती है तो उसकी शिकायत भी कर सकते हैं।
सोशल आडिट की कमियां दूर करने के आदेश
औरास। ब्लाक सभागार औरास में डीडीओ चित्रसेन सिंह की मौजूदगी में पिछले वित्तीय वर्ष में विकासखंड की ग्राम सभाओं में हुए सोशल ऑडिट की कमियों को दूर करने के लिए बैठक की गई। यहां सचिवों को कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए।
औरास विकास खंड की 40 ग्राम पंचायतों में मार्च महीने में सोशल आडिट होना था। बयारी ग्रामसभा को छोड़कर अन्य 39 गांवों का आडिट हुआ था। बुधवार दोपहर बाद डीडीओ चित्रसेन सिंह विकास खंड कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सभी ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के साथ बैठक कर सोशल आडिट की कमियों के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने नए वित्तीय वर्ष में किए जाने वाले विकास कार्यों के तौर तरीकों को समझाया। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी रमेश कुमार श्रीवास्तव, ब्लाक प्रमुख पति कौशलेंद्र प्रताप सिंह, ग्राम सचिव संजीव कुमार, संदीप वर्मा, आशीष यादव और अल्का प्रजापति आदि मौजूद रहीं।