सदर तहसील के छोटे से गांव धनकुर खेड़ा की साक्षी ने पुराने सामान और थर्माकोल की मदद से महज 17 हजार रुपये में मिनी प्लेन बनाकर तैयार कर दिया। इस मिनी प्लेन में 36000 आरपीएम का छोटा-सा इंजन लगा है।
इसमें लगे टैंक में एक बार में 40 एमएल ईंधन भरा जा सकता है। इतने ईंधन में यह एरोमॉडल 300 फिट की उंचाई पर लगातार 20 मिनट तक उड़ान भरने में सक्षम है। कैरोसिन, कैस्टर ऑयल और साल्वेंट ईथर मिलाकर बनने वाले कंपाउंड को इस मिनी प्लेन में ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है।
साक्षी गणतंत्र दिवस पर उन्नाव पुलिस लाइन में एरो मॉडल का प्रदर्शन करेंगी। साक्षी के पिता महेशचंद्र विद्यार्थी कानपुर एनएससी में फ्लाइट कमांडर हैं। वह अपने पिता के साथ कानपुर में ही रह रही है। बीएससी की पढ़ाई कर चुकी साक्षी अब लॉ की तैयारी कर रही है।
बकौल साक्षी अगर सरकार प्रोत्साहन दे और मदद मिले तो वह 65 लाख रुपये कीमत के ड्रोन का महज 60 हजार रुपये में विकल्प तैयार कर सकती है। साक्षी के अनुसार पिता ने हमेशा उसे इसके लिए प्रोत्साहित किया और हर संभव मदद दी। नई-नई खोज और अविष्कार करना उसका शौक है।
साक्षी ने बताया कि वह सौर ऊर्जा से चलने वाले एयर क्रॉफ्ट माडल बनाने का प्रयास कर रही है। उसने बताया कि सौर ऊर्जा से चलने वाला प्लेन रिमोट से चल सकेगा। उसे इस बात का मलाल है कि प्रतिभाओं को उभारने के लिए जो प्रयास होने चाहिए वह नहीं हो पा रहे हैं।
उसने बताया कि उसने कई बार प्रयास किया मगर उसके इस मिनी प्लेन को प्रदर्शित करने का मौका ही नहीं दिया गया। उन्नाव एसपी पवन कुमार का आभार जताते हुए साक्षी ने बताया कि उन्होंने मंगलर को पुलिस लाइन ग्राउंड में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में उसे अपनी प्रतिभा प्रदर्शन का मौका दिया है।