उन्नाव। नए वित्तीय वर्ष को दो माह बीतने वाले हैं लेकिन अभी तक 24 ग्राम पंचायतों में एक भी मनरेगा कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। जिससे इन गांवों के मनरेगा जॉब कार्डधारकों का रोजगार नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में जाबकार्डधारक शहरों में पलायन करने को मजबूर हैं।
रोजगार के लिए ग्रामीणों का शहरी इलाकों में पलायन रोकने और गांवों का विकास करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में रहने वाले जाबकार्डधारक को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम सौ दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। जॉब कार्डधारक के एक दिन के काम को एक मानव दिवस के रूप में जोड़ा जाता है। नया वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2019 से शुरू हो चुका है। मई समाप्त होने वाली है लेकिन जनपद की कुल 1043 ग्राम पंचायतों में 24 पंचायतें ऐसी हैं जहां एक भी कार्य शुरू नहीं हो सका है। मुख्य विकास अधिकारी प्रेमरंजन सिंह ने बताया कि जिन विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में काम शुरू नहीं हो सका है वहां के बीडीओ को जल्द काम शुरू कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। यदि जल्द काम प्रारंभ नहीं हुए तो पंचायत सचिवों के साथ खंड विकास अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
-वित्तीय वर्ष के दो माह बाद भी दो दर्जन गांवों में मनरेगा श्रमिकों को नहीं मिला काम
-हर माह ग्राम पंचायतों को मजदूरों को गांव में ही उपलब्ध कराना होता है रोजगार