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‘बा’ स्कूलों का कामकाज देख रहे शिक्षक ने स्थानांतरण में किया फर्जीवाड़ा

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अमर उजाला ब्यूरो
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उन्नाव। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन का लंबे समय से कामकाज देख रहे एक शिक्षक ने एक पार्ट टाइम शिक्षक व रसोईयां का बिना शासनादेश एक विद्यालय से दूसरे में स्थानांतरण की रिपोर्ट बना दी। शासनादेश में स्थानांतरण का दिशा निर्देश न होने पर बीएसए ने स्थानांतरण आदेश निरस्त कर प्रभारी बालिका शिक्षा जिला समन्वयक से स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, शिक्षक के कार्यालय में प्रवेश पर रोक लगाई है।

हसनगंज कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में संविदा पद पर तैनात पार्ट टाइम शिक्षिका बबिता मिश्रा का बीएसए ने बीमारी व अन्य पारिवारिक दिक्कतों के चलते 23 जुलाई को सरोसी केजीबी में स्थानांतरण कर दिया। इसके साथ ही बीएसए ने प्रभारी बालिका शिक्षा जिला समन्वयक शशिप्रभा श्रीवास्तव से स्थानांतरण पर गाइड लाइन भी मांगी। सूत्रों की मानें तो बीएसए के आदेश की आड़ में कस्तूरबा विद्यालयों के कामकाज के लिए संबद्ध एक शिक्षक ने औरास की पार्ट टाइम कंप्यूटर शिक्षिका शालिनी सिंह का सफीपुर व इसी विद्यालय की रसोईयां विद्यावती का स्थानांतरण गंजमुरादाबाद कर दिया। इसकी एवज में वसूली भी की गई।
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4 अगस्त को कार्यालय के एक कर्मचारी ने बीएसए को पूरे मामले से अवगत कराने के साथ ही एक स्कूल से दूसरे में स्थानांतरण की व्यवस्था न होने की जानकारी दी। बीएसए ने प्रभारी बालिका शिक्षा जिला समन्वयक से कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। बीएसए बीके शर्मा ने बताया कि स्थानांतरण आदेश में लापरवाही पकड़ी गई है। एक पार्ट टाइम शिक्षिका का उसकी परिस्थितियों के आधार पर स्थानांतरण किया गया। जबकि उसी आदेश की आड़ में नियम विपरीत औरास की पार्ट टाइम शिक्षिका व रसोईयां का दूसरे केजीबी स्कूलों में ट्रांसफर कर दिया गया। स्थानांतरण आदेश को निरस्त कर जांच की जा रही है।

-कस्तूरबा विद्यालय की पार्ट टाइम शिक्षिका की आड़ में एक शिक्षिका व रसोईया का किया स्थानांतरण
-शासनादेश में स्थानांतरण का दिशा निर्देश न होने पर बीएसए ने निरस्त किया आदेश, मांगा स्पष्टीकरण
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