अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की चूक से बीटीसी 2015 बैच तृतीय सेमेस्टर के 400 से अधिक प्रशिक्षुओं के अंकपत्र में गड़बड़ियां सामने आई हैं। जिससे एक व दो नंबर से बैक पेपर लग गया है। प्रशिक्षुओं ने सचिव से शिकायत की। जिस पर सचिव ने डायट प्राचार्य से प्रशिक्षुओं का ब्योरा मांगा है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) समेत जिले के अन्य बीटीसी कालेजों में बीटीसी 2015 तृतीय बैच (अंतिम सेमेस्टर) में 541 प्रशिक्षु पंजीकृत थे। इनकी सेमेस्टर परीक्षाएं 7 व 8 मई को संपन्न हुईं। प्रशिक्षुओं का परीक्षा परिणाम 15 सितंबर को घोषित किया गया। इस दौरान परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय से प्रशिक्षुओं के अंको को चढ़ाने में लापरवाही सामने आई है।
कार्यालय की चूक से करीब अस्सी फीसदी प्रशिक्षुओं का शैक्षिक मूल्यांकन क्रियात्मक शोध एवं नवाचार प्रथम प्रश्नपत्र और चतुर्थ प्रश्नपत्र गणित के अंकपत्रों में दो से तीन नंबर कम होने से बैक पेपर लगा है। यह वह छात्र हैं जिन्होंने द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा में 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए थे। वेबसाइट पर अपलोड किए गए अंकपत्रों को देख प्रशिक्षु सकते में आ गए।
जिले के साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों के प्रशिक्षुओं ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी से गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई। प्रशिक्षुओं की शिकायतों पर सचिव अनिल भूषण ने परीक्षा परिणाम के स्क्रूटनी के निर्देश दिए हैं। डायट वरिष्ठ प्रवक्ता रेनू सिंह ने बताया कि अभी तक डायट को अंकपत्र नहीं मिले हैं। कई प्रशिक्षुओं ने एक या दो नंबर से बैक पेपर लगने की शिकायत दर्ज कराई है। जिसकी जांच सचिव स्तर से की जा रही है।
-परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव से प्रशिक्षुओं ने की शिकायत
-सचिव ने तृतीय सेमेस्टर बैच का डायट प्राचार्य से मांगा ब्योरा