अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। खरीफ के पीक सीजन में इस बार यूरिया का संकट गहरा गया है। जिले की साधन सहकारी समितियों से यूरिया गायब हो गई है। किसान समितियों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। दिन भर भटकने के बाद भी यूरिया नहीं मिल पा रही है।
जिले में 170 साधन सहकारी समितियां क्रियाशील हैं। इसमें से कई के गोदाम खाली पड़े हैं। अधिकारी जल्द रैक आने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ने में लगे हुए हैं। पहले साधन सहकारी समितियों व इफ्को केंद्रों में जो खाद भेजी गई है वह सदस्यों की संख्या को देखते हुए काफी कम है। साधन सहकारी समिति हिलौली में जुलाई से यूरिया नहीं है। क्षेत्रीय किसान बाजार से ऊंचे दामों में यूरिया खरीदने को मजबूर है। प्रभारी नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि जुलाई से अब तक यूरिया नहीं आई है। जिले के अधिकारियों को कई बार लिखितपत्र भी दे चुके हैं। साधन सहकारी समिति बेहटा असोहा में सात दिन से यूरिया नहीं है। रोजाना भारी संख्या में किसान यूरिया की उम्मीद में समिति पहुंचते हैं लेकिन प्रभारी के इंकार करने पर मायूस होकर लौट जाते हैं। साधन सहकारी समितियों से यूरिया गायब होने का फायदा निजी खाद विक्रेता उठा रहे हैं। वह किसानों को प्राइवेट कंपनी की खाद ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं।
यूरिया की आने वाली है नई रैक
वैसे जिले में यूरिया का संकट नहीं है। एकाध सेंटर में जो यूरिया नहीं है उसके पीछे का कारण समय पर भुगतान न होना है। कुछ समितियों के चेक देर से मिले। उसे पास होने में समय लग गया है। हालांकि जल्द ही यूरिया की 2300 एमटी की एक और रैक आने वाली है। जिसे समितियों को भेज दिया जाएगा।
अशोक सिंह, सहायक निबंधक सहकारिता उन्नाव।
-सहायक निबंधक का दावा, जिले में भरपूर है यूरिया का स्टाक