नामांकन के तीसरे सफीपुर विधानसभा से सपा प्रत्याशी सुधीर रावत ने अपने प्रस्तावकों के साथ जाकर पर्चा दाखिल किया। सदर से भाजपा प्रत्याशी पंकज गुप्ता और यहीं से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सुरेश पाल ने पर्चा दाखिल किया। भगवंतनगर विधान सभा क्षेत्र से भाजपा नेता कृपाशंकर सिंह ने निर्दलीय और उनके साथ रामेश्वर व शैलेंद्र कुमार ने भी पर्चा भरा। पुरवा विधानसभा क्षेत्र से सपा के उदयराज यादव, बीएसपी के अनिल सिंह, निर्दलीय शिवशंकर और मोहान से बीएसपी के राधेलाल रावत, बहुजन मुक्ति पार्टी से सुनील कुमार, बांगरमऊ से सपा प्रत्याशी, बदलू खां, विकलांग पार्टी से तन्मय श्रीवास्तव ने अपना नामांकन कराया। इसमें से कई उम्मीदवार तो भारी भरकम भीड़ लेकर नामांकन कराने पहुंचे। पुलिस ने कलेक्ट्रेट से 100 मीटर पहले ही भीड़ को रोक दिया और उम्मीदवार के साथ सिर्फ चार प्रस्तावकों को ही अंदर जाने दिया।
22 नामांकनपत्र और लिए गए
विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2017 के तहत नामांकन प्रक्रिया में 22 नामांकनपत्र विभिन्न दलों व निर्दलीय प्रत्याशियों ने प्राप्त किए। इसमें सदर विधानसभा में दो, मोहान में चार, सफ ीपुर में दो, बांगरमऊ में चार, भगवंतनगर में छह व पुरवा विधानसभा क्षेत्र में चार नामांकनपत्र लिए गए।
सत्तापक्ष के नेताओं के लिए तोड़े नियम
शुक्रवार को नामांकन के दौरान सत्तापक्ष के नेताओं के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने मानकों को तार-तार कर दिया। शुक्रवार दोपहर दो बजे के करीब सत्ता दल के बड़े नेता नामांकन कराने पहुंचे। गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने नेताजी और उनके चार प्रस्तावकों को अंदर भेज दिया। इसी बीच सत्ता दल के एक और नेता गेट पर पहुंच गए। असल में उनको नामांकन कराने वाले नेताजी के साथ अंदर जाना था। बाद में पहुंचने के बाद भी गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें एंट्री दे दी। गौरतलब यह है कि यही पुलिस अधिकारी मीडिया को कलेक्ट्रेट परिसर में इंट्री देने के लिए घंटों रौब झाड़ते हैं वहीं सत्ता पक्ष के नेता को खुद ही आदर सहित अंदर ले जाते हैं।
ट्रैफिक सिस्टम धड़ाम, जाम के झाम से हलाकान हुए शहरी
प्रत्याशियों के हुुजूम में पहुंचे सैकड़ों वाहनों की भीड़ से हरदोई पुल पूरे दिन जाम से रहा जूझता
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव।
कलक्ट्रेट में नामांकन के चलते प्रत्याशियों के समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ा। जुलूस में भीड़ के साथ ही वाहनों की लंबी कतारों ने शहरियों को पूरा दिन जाम के झाम में छकाया। हरदोई पुल से कलक्ट्रेट तक वाहनों की बेतरतीब दौड़ से पूरा दिन ट्रैफिक रेंगता रहा। पुल पर वाहनों के पहिए थमने से शहर का मुख्य मार्ग भी जाम के चंगुल में फंसता चला गया। कई बार जाम लगने से शहरवासी जाम के झाम से परेशान रहे।
विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन कराने के लिए शुक्रवार को प्रत्याशियों की चहलकदमी सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर के आस-पास शुरू हो गई थी। सुबह के 11 बजने तक कई कद्दावर उम्मीदवारों का समर्थकों के हुजूम के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचना चालू हो गया। काफिले में शामिल वाहनों की बेतरतीब दौड़ से हरदोई पुल पर दोपहर के 12 बजने तक जाम लगने का सिलसिला शुरू हो गया। पुलिस की अनदेखी से जाम कुछ ही देर में विकराल हो गया। हालात तब और खराब हो गए जब सिविल लाइंस व कलेक्ट्रेट को जाने वाली गलियों के रास्ते भी वाहनों की कतारों से बंद हो गए। समर्थकों को संभालने में तो कलेक्ट्रेट के इर्द गिर्द भारी पुलिस बल तैनात था। जबकि आवागमन सुचारू तरीके से चालू रहे इसके लिए प्रशासन की तरफ से कोई खास इंतजाम नहीं थे। जिसका खामियाजा शहरवासियों को शाम के पांच बजे तक जाम का दर्द झेलना पड़ा। हरदोई पुल से कलक्ट्रेट तक ट्रैफिक सिस्टम धड़ाम होने के चलते शहर के मुख्य मार्ग पर भी जाम का असर बना रहा। बाबूगंज तिराहा से बड़ा चौराहा के बीच कई बार जाम के हालात बनने से शहरियों को जाम से जूझना पड़ा।