फोटो-18-महिलाओं के खाते खोलने के लिए फार्म भरतीं हिलौली ब्लाक की बैंक सखी सुषमा। स्रोत: विभागीय कर्मी।
-एनआरएलएम से जुड़ीं महिलाओें को बैंक सखी का दिया गया है प्रशिक्षण
-घर-घर जाकर खोल रहीं बैंक खाते, मानदेय और कमीशन भी मिल रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित समूहों से जुड़ीं सौ से अधिक महिलाओं को बैंक सखी का प्रशिक्षण दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया रहा है। बैंक सखी बनी महिलाओं को एक तरफ सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय मिल रहा है। वहीं बैंक की तरफ से भी तय कमीशन मिल रहा है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधर रही है।
जिले में गठित चार सौ से अधिक समूहों में करीब चार हजार महिलाएं जुड़ीं हैं। यह महिलाएं अलग अलग कार्य करके कमाई कर रही हैं। इनमें से ही 125 महिलाओं को बैंक सखी का प्रशिक्षण दिलाया गया है। बैंक सखी महिलाओं के खाते खोलने के साथ उनकी ऋण आवेदन प्रक्रिया में सहायता कर रही हैं। इसके अलावा अन्य वित्तीय सेवाओं में मदद कर रही हैं।
साथ ही समूह के भी अन्य सदस्यों को बचत, ऋण, और अन्य वित्तीय जानकारी भी उपलब्ध करा रही हैं। इसके एवज में एक तरफ सरकार से निर्धारित छह हजार रुपये मानदेय मिल रहा है। वहीं बैंकिंग लेनदेन पर कमीशन भी मिलता है, जो लेनदेन की राशि का 0.20 प्रतिशत से 0.32 फीसदी तक होता है। इस तरह से एक बैंक सखी प्रतिमाह करीब दस से 15 हजार की कमाई का रही हैं।
एनआरएलएम के जिला मिशन मैनेजर अशोक कुमार ने बताया कि बैंक सखी उन महिलाओं की सहायता कर रही हैं जो बैंक शाखा तक नहीं जा सकती हैं। ऐसी महिलाओं का घर बैठे खाता खोलने से लेकर बैंक की योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध करा रही हैं। वह बैंक और समूह सदस्यों के बीच एक सेतु के रूप में कार्य कर रही हैं।