औरास। सरौंद गांव में एक महीने में हृदयगति रुकने से दो सगे भाइयों समेत 12 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक, सीने में दर्द और ब्लडप्रेशर मौत का कारण बन रहा है। ग्राम प्रधान की सूचना पर सोमवार को स्वास्थ्य टीम गांव पहुंचेगी।
गांव में शनिवार सुबह रामसिंह यादव (50) की तबीयत बिगड़ गई। परिजन अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि सीने में दर्द उठने के साथ ब्लड प्रेशर बढ़ा था। एक सप्ताह पहले दो सगे भाइयों में रामबाबू और रामकुमार के साथ गांव के देवीदयाल कनौजिया की भी मौत ह्रदयगति रुकने से हो चुकी है।
ग्राम प्रधान सुरेश यादव के अनुसार, एक महीने में हृदयगति रुकने से 12 लोगों की मौत हो चुकी है। सीएचसी प्रभारी डॉ. अनूप तिवारी को इसकी जानकारी दी गई है। उन्होंने सोमवार को स्वास्थ्य टीम गांव भेजने के लिए कहा है। सीएचसी प्रभारी डॉ. अनूप तिवारी ने बताया दो दिन पहले सरौंद गांव से तीन लोग सीएचसी आए थे। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत थी। बाद में उनकी मौत हो गई थी। सोमवार को मेडिकल टीम गांव जाएगी और जांच करेगी।
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औरास के सरौंध गांव में हुईं मौतों पर एक नजर
- पांच दिसंबर को किसान रामकुमार यादव (45) को सुबह 7:30 बजे अचानक सीने में तेज दर्द शुरू हुआ। भतीजे अभिरल उन्हें औरास सीएचसी लेकर जा रहे थे, तभी दो उल्टियां हुईं। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
- दो दिसंबर को देवीदयाल कनौजिया (48) की सुबह करीब तीन बजे सीने में तेज दर्द से हालत बिगड़ गई। बेटा अजीत दुबई में रहता है। भतीजे जीतू कनौजिया ने अस्पताल पहुंचाया, लगातार दो उल्टियां हुईं और इसी दौरान मौत हो गई।
- 27 नवंबर को रहीश की पत्नी गुड्डी (55) को पिछले दो दिनों से बुखार आ रहा था। देर रात हालत बिगड़ी और सीने में तेज दर्द की शिकायत पर पति ने अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
- 19 नवंबर को इसी गांव निवासी रामबाबू यादव को रात 11 बजे अचानक खून की उल्टियां हुईं और सीने में दर्द से हालत बिगड़ गई। घरवाले अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई।
- 17 नवंबर को रामकुमार के बेटे रामजी (37) की इसी तरह से हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल लेकर जाते समय मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि रामजी को दो दिन से बुखार था, अचानक सीने में दर्द होने के बाद इलाज तक का मौका नहीं मिला।
- 14 नवंबर को रामलखन की बेटी अंजली (20) की देर रात हालत बिगड़ी और घरवालों ने आनन-फानन अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के दौरान ही मौत हो गई।
- 11 नवंबर को रामभजन के 19 साल के बेटे प्रदीप को भी उल्टियां होने के बाद हालत बिगड़ गई। सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ होने पर लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, 12 नवंबर को इलाज के दौरान मौत हो गई। रामभजन के अनुसार, डॉक्टर ने ह्रदयगति रुकने से मौत की बात बताई थी।
क्या कहते हैं अधिकारी
मृतकों के शव का पोस्टमार्टम कराया जाता तो मौत का सही कारण सामने आता। जिन लोगों की मौत हुई है सभी का अंतिम संस्कार भी हो चुका है, ऐसे में मौत की वजह पता कर पाना मुश्किल है। फिर भी औरास सीएचसी प्रभारी को रविवार को ही टीम के साथ गांव जाने और बीमार या ऐसे लक्षणों वाले लोगों की जांच करने और अब तक हुई मौतों की वजह पता करने का प्रयास करने को कहा गया है।
- डॉ. सत्यप्रकाश, सीएमओ उन्नाव