-तीन से 7500 रुपये का जुर्माना वसूला गया
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। खेत में पराली जलाने में जिले की तीन तहसीलों में 12 किसानों को चिह्नित किया गया है। किसानों से जुर्माना वसूली शुरू करा दी गई है। अभी तीन किसानों से 7500 रुपये जुर्माना वसूला जा चुका है।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए खेत में फसल अवशेष (पराली) जलाने पर रोक लगा रखी है। इसके लिए अर्थदंड की व्यवस्था की गई है। इसके बाद भी जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है। जिले में 12 अन्य स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि सेटेलाइट के जरिए हुई है।
इसके बाद अफसरों ने मौके पर जांच की थी तो कई गांवों में पराली जलाने के मामले सामने आए। सदर, पुरवा व सफीपुर के गांवों में खेतों में फसल जली मिली। मौके पर खेत की काली पड़ी भूमि दिखी। अधिकारियों ने किसानों से पूछताछ भी की।
सबसे ज्यादा पुरवा तहसील के आठ, सदर के तीन और सफीपुर के एक गांव में फसल अवशेष खेत में जले मिले हैं। उप कृषि निदेशक डॉ. मुकुल तिवारी ने बताया कि किसानों से 2500 रुपये प्रत्येक से वसूली लेखपालों के माध्यम से शुरू करा दी गई है।
फसल अवशेष जलाने पर रोकी जा सकती हैं सरकारी सुविधाएं
उप कृषि निदेशक के मुताबिक, कृषि अपशिष्ट (अवशेष) जलाना प्रतिबंधित है। यदि किसी खेत में दो बार अवशेष जलाने की घटनाएं हुई तो संबंधित किसान को सरकार से प्रदान की जाने वाली सुविधाओं जैसे सब्सिडी या अन्य योजना सभी से वंचित कर दिया जाएगा।
इंसेट
यह है प्रति घटना अर्थदंड
-दो एकड़ से कम पर 2500 रुपये
-दो से पांच एकड़ तक 5000 रुपये
-पांच एकड़ से पर 15000 रुपये