उन्नाव। नगर क्षेत्र के सुल्तानखेड़ा प्राथमिक विद्यालय से ग्यारह दिनाें से छात्रों की फर्जी संख्या एमडीएम कार्यालय में नोट कराई जा रही है। 30 मई को भी खाना खाने वाले बच्चों की 51 छात्र संख्या नोट कराई गई। सोमवार को नगर शिक्षाधिकारी जब कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने एमडीएम प्रभारी से भोजन बनने की सूचना ली तो इस मामले का खुलासा हुआ। तत्काल उन्होंने विद्यालय की टीचरों से बात की तो जानकारी हुई कि बीस मई के बाद से विद्यालय में बच्चों के न आने के कारण खाना पकाया ही नहीं गया। उसके बाद भी बच्चों के खाना खाने की संख्या नोट कराई जा रही है।
सुल्तानखेड़ा प्राथमिक विद्यालय में 63 छात्र-छात्राओं का नामांकन है। 29 अप्रैल को जब नगर शिक्षाधिकारी सुरेशचंद्र वर्मा ने इस विद्यालय का निरीक्षण किया था उसमें सिर्फ 20 बच्चे ही आए थे। उसके बाद से लगातार छात्र-छात्राओं की संख्या घटती गई, लेकिन विद्यालय से लगातार 25 से 50 के बीच में छात्र संख्या एमडीएम कार्यालय में नोट कराई जा रही है। 20 मई को विद्यालय बंद होने के बाद शासन ने 21 मई को निर्देश जारी किया था कि जिला सूखा ग्रस्त होने के कारण विद्यालयों में एमडीएम बनवाया जाए।
इसका फायदा उठाते हुए इस विद्यालय से 22 से 30 मई तक छात्र संख्या की गलत जानकारी देकर खेल किया गया और फर्जी छात्र संख्या एमडीएम कार्यालय में नोट कराई गई। जबकि हकीकत यह रही कि 20 मई के बाद से विद्यालय में एमडीएम बना ही नहीं। कभी विद्यालय में 22 तो कभी 25 बच्चों का एमडीम बनने की सूचना आई। 30 मई को 51 बच्चों को एमडीएम बनाने की सूचना कार्यालय को भेजी गई है।
सोमवार को नगर शिक्षाधिकारी ने एमडीएम प्रभारी रामजी से नगर क्षेत्र के विद्यालयों में बन रहे एमडीएम की जानकारी की तो इसका खुलासा हुआ। एमडीएम की फर्जी छात्र संख्या दर्ज कराए जाने की जानकारी होने पर उन्होंने विद्यालय की इंचार्ज टीचर श्रद्धा सिंह व विद्यालय में पहले रहीं शशिकांती के मोबाइल पर बात की तो पता चला उन लोगों ने यह छात्र संख्या नोट ही नहीं कराई।
श्रद्धा सिंह ने बताया कि 20 मई के बाद से बच्चों के न आने के कारण एमडीएम ही नहीं बनाया गया। उसके बाद विद्यालय की शिक्षामित्र कीर्ति विश्वकर्मा के नंबर पर फोन मिलाया गया तो उनका फोन नहीं उठा। प्राथमिक विद्यालयों में प्रति छात्र संख्या के हिसाब से 3.59 रुपये कनवर्जन कास्ट भेजी जाती है। 51 बच्चों के हिसाब से एक दिन की कनवर्जन कास्ट 183 रुपये बनती है जबकि नौ दिन की 1647 रुपये का घालमेल नजर आ रहा है। इससे पहले भी इस विद्यालय में छात्र संख्या के नाम पर घालमेल किया गया है।
वर्जन
मामले की जांच कराई जाएगी। जिसने भी यह सूचना दी उस पर कार्रवाई करने के साथ ही उसी से रिकवरी भी होगी। - डॉ. मुकेश कुमार सिंह, बीएसए
इसकी जानकारी हमें पहले नहीं थी। एमडीएम की जांच कराने पर इसका खुलासा हुआ है। जांच कराकर दोषी पर कार्रवाई होगी और रिकवरी भी की जाएगी। - सुरेशचंद्र वर्मा, नगर शिक्षाधिकारी
जून में बंद रहेगी विद्यालयों में एमडीएम व्यवस्था
उन्नाव। विद्यालयों में बन रहे माध्यान्ह भोजन, बीआरसी पर चल रहे प्रशिक्षु टीचरों का प्रशिक्षण व शिक्षामित्रों की सहायक टीचर पद पर हुई ज्वाइंनिंग की गतिविधि जानने के लिए बेसिक शिक्षा सचिव हीरालाल गुप्ता ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग की। यहां उन्होंने एक-एक बिंदु पर बीएसए से वार्ता की। साथ ही यह निर्देश दिये कि अत्यधिक गर्मी व बच्चों के न आने के कारण विद्यालयों में चल रही एमडीएम व्यवस्था बंद कर दी जाये। इस दौरान बीएसए ने कहा कि महिलाओं की तरह ही पुरुषों की भी काउंसिलिंग कराकर उन्हें विद्यालय दिये जायें। रोस्टर के अनुसार विद्यालय देने से पुरुषों को दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। इस पर बेसिक शिक्षा सचिव ने विचार करने की बात कही। इस दौरान बीएसए डॉ. मुकेश कुमार सिंह व शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।