उन्नाव। शहर के पीडी नगर स्थित अजंता हास्पिटल में बुधवार को महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने हास्पिटल का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। मृतक महिला के परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया था। सीएमओ ने एसीएमओ डा. तन्मय कक्कड़ को मामले की जांच सौंपी गई है। लाइसेंस निरस्त होने की सूची हास्पिटल के बाहर चस्पा कर दी गई है। संचालक से जवाब भी तलब किया गया है।
माखी थानाक्षेत्र के गांव मेहंदीपुर निवासी बबली (36) पत्नी बबलू की बच्चेदानी में संक्रमण पर परिजनों ने उसे पीडी नगर स्थित अजंता हास्पिटल में भर्ती कराया था।
बुधवार को यहां बबली की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि अस्पताल के एक डाक्टर ने बुधवार सुबह बबली को इंजेक्शन लगाया था। जिसके बाद उसकी मौत हुई। बबली की मौत पर परिजनों ने हंगामा काटा। बवाल की सूचना पर अस्पताल का स्टाफ भाग निकला था। मरीज की मौत की सूचना पर पहुंचे स्वास्थ्य अधिकारियों को अस्पताल में स्टाफ नहीं मिला था। एसीएमओ डा. तन्मय कक्कड़ मरीज की फाइल लेकर बुधवार को वापस आ गए थे। गुरुवार को उन्होंने अजंता हास्पिटल का लाइसेंस निरस्त कर दिया। एसीएमओ डा. तन्मय कक्कड़ ने बताया कि अस्पताल के संचालक को अपना जवाब देने के लिए नोटिस दी गई है। मामले की जांच पूरी न होने तक अस्पताल का लाइसेंस निरस्त रहेगा।
फाइल में न मरीज का नाम, न बीमारी का ब्योरा
स्वास्थ्य अधिकारियों ने नर्सिंग होम से मरीज की जो फाइल कब्जे में ली है उसमें न ही मरीज का पूरा नाम दर्ज है और न ही बीमारी का ब्योरा दिया गया है। यही नहीं दो दिन चले उपचार में मरीज को कौन कौन सी दवाएं दी गई इसका भी कोई जिक्र नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार संचालक व डाक्टर को नोटिस दी गई है।
डॉक्टर पर दर्ज हुआ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा
सदर कोतवाली में अजंता हास्पिटल के डा. सौरभ पर मृतका बबली के पति बबलू की तहरीर पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बबूल ने गलत तरीके से आपरेशन करने व गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। इससे पूर्व बबलू ने बच्चों व ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच कार्रवाई के लिए ज्ञापन दिया था। जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस ने बबलू की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
-उपचार के दौरान नर्सिंग होम में हो गई थी महिला की मौत
-परिजनों ने उपचार में लापरवाही का लगाया था आरोप
-स्वास्थ्य अधिकारियों ने जांच पूरी न होने तक निरस्त किया लाइसेंस