उन्नाव। जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में रविवार की शाम जन्म के तीन घंटे बाद नवजात बच्ची की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि जिस वक्त बच्ची को एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था, उस समय स्टाफ फाउंडेशन डे का जश्न मना रहा था। उन्होंने जब इलाज की बात कही तो उसे जबरन रेफर किया जाने लगा। इस दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।
शहर के कांशीराम कालोनी निवासी शुभम ने रविवार दोपहर प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी सपना गुप्ता को भर्ती कराया था। दोपहर एक बजे सपना ने बच्ची को जन्म दिया। हालत गंभीर होने पर बच्ची को एसएनसीयू वार्ड भेज दिया गया।
शुभम का आरोप है कि दो बजे एसएनसीयू स्टाफ में मौजूद डॉक्टर व स्टाफ फाउंडेशन डे के नाम पर पार्टी कर रहे थे। उसने जब इलाज की बात कही तो एक स्टाफ नर्स ने बच्चे को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कह दी। शाम चार बजे ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। इस बीच डॉक्टर की ओर से परिजनों पर दबाव बनाया गया कि वह किसी से मामले की शिकायत न करें। उधर, सीएमएस डॉ. अंजू दुबे ने बताया कि बच्ची की मौत की जानकारी मिली थी। मामले की जांच कराई जा रही है।
एसएनसीयू में तैनात डॉ. अरविंद आनंद ने बताया कि जिस वक्त बच्ची को वार्ड में लाया गया था, उसकी हालत गंभीर थी। उसे कानपुर के लिए रेफर भी किया गया, लेकिन परिजन ले नहीं गए। इस दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं पार्टी के नाम पर उन्होंने कहा कि सिर्फ केक काटा गया था।
वहीं, एसएनसीयू वार्ड में भर्ती होने वाले बच्चों के लिए डायपर व सेनेटाइजर परिजनों से बाहर से मंगवाए जा रहे हैं। रविवार को एक युवक ने इसकी शिकायत सीएमएस डॉ. अंजू दुबे से भी की थी। हालांकि बाद में मामले को दबा दिया गया।