उन्नाव। शहर में जाम की समस्या दूर करने के लिए बनाए जा रहे दोस्तीनगर बाईपास की रफ्तार पर बिजली के 10 खंभों ने ब्रेक सा लगा दिया है। जनवरी मध्य में शिफ्टिंग का काम शुरू कराने का दावा किया गया लेकिन डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी पोल नहीं हटे। ऐसे में मार्च में निर्माण पूरा होने पर संशय है।
हरदोई मार्ग स्थित अग्निशमन प्रशिक्षण केंद्र से लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित दही चौकी चौराहा तक 9.5 किलोमीटर लंबा और सात मीटर चौड़ा बाईपास बनाने की घोषणा वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने की थी। पहले बाईपास के क्षेत्र में वन विभाग की 7.5 हेक्टेयर जमीन आ रही थी, जिस पर वन विभाग को बांगरमऊ व पुरवा तहसील क्षेत्र में भूमि उपलब्ध कराई गई थी। लंबे समय तक मामला फाइलों में ही उलझा रहा था।
जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद पीडब्ल्यूडी की ओर से बीघापुर में उपलब्ध कराई गई जमीन पर वन विभाग ने सहमति जताई थी। उधर, शासन से भी 34 करोड़ के निर्धारित बजट में 14.99 करोड़ रुपये जारी कर दिए थे। जुलाई 2024 में बाईपास निर्माण की कवायद शुरू की गई थी। जनवरी माह में पीडब्ल्यूडी ने जमीन पर मिट्टी भरान कराकर भूमि समतल करा दी लेकिन बिजली विभाग ने खंभों व लाइन की शिफ्टिंग नहीं कराई। प्रस्तावित बाईपास के रूट पर टीकरगढ़ी के पास छोटे-बड़े करीब 10 खंभे बीच सड़क पर लगे हैं। इन खंभों के कारण ही निर्माण पर ब्रेक लग गया है।