उत्तर प्रदेश में खेड़ा महापंचायत में हिंसक संघर्ष के बाद सरधना के ठाकुर चौबीसी में तनावपूर्ण शांति है। इन गांव के लोगों, खासकर महिलाओं में पुलिस और प्रशासन के प्रति जबरदस्त गुस्सा है।
खेड़ा गांव की महिलाओं ने सोमवार सुबह दबिश देने गई पुलिस को खदेड़ दिया। इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी गांवों में पुलिस का पहरा बैठा दिया है। क्षेत्र के स्कूलों में प्रशासन ने छह दिन की छुट्टी कर दी है।
महापंचायत में हिंसक संघर्ष की विभिन्न संगठनों ने निंदा की है। विधायक संगीत सोम के प्रतिनिधि एडवोकेट शेखर सोम और एडवोकेट प्रेम सिंह सोम की गिरफ्तारी के विरोध में वकीलों ने मेरठ और सरधना कचहरी में कार्य बहिष्कार कर दिया। मुकदमे की पैरवी के लिए तीन वकीलों का पैनल बनाया गया है।
पुलिस ने सोमवार को विधायक संगीत सोम के प्रतिनिधि शेखर उर्फ चंद्रशेखर सोम, वकील प्रेम सिंह सोम और प्रेमपाल राणा समेत 26 लोगों को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कोर्ट संख्या चतुर्थ) की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया।
24 लोगों को पुलिस ने रविवार को हुए बवाल के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया था। जबकि रात में दबिश देकर दो आरोपी दबोचे गए थे। इन पर आगजनी, तोड़फोड़, सरकारी कर्मियों से मारपीट, कातिलाना हमला और सेवन क्रिमिनल एक्ट सहित कई संगीन धाराएं लगी हैं।
सोमवार को भी डीआईजी, एसएसपी और सीआरपीएफ के कमांडेंट फोर्स सहित सरधना क्षेत्र में कैंप किए रहे। उधर, खेड़ा पंचायत में पुलिस की तरफ से फायरिंग, लाठीचार्ज और तीन वकीलों की गिरफ्तारी से वकीलों में रोष है।
वकीलों ने पहले तो एसएसपी से मुलाकात कर विरोध जताया, फिर कचहरी गेट पहुंचकर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।