फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sultanpur News: तेरहवीं के बाद जिंदा निकला युवक, दूसरे को जलाकर रची थी साजिश

Sat, 10 Feb 2024 02:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
विज्ञापन
द्वारिकानाथ शुक्ला (फाइल फोटो)। -स्रोत परिजनों द्वारा
विज्ञापन
सुल्तानपुर। कहानी पूरी फिल्मी है। लाखों के कर्ज में डूबे युवक ने पत्नी-बच्चों से छुटकारा पाकर प्रेमिका के साथ घर बसाने के लिए उसने अपनी हत्या का ड्रामा किया। अपनी कद काठी के एक शख्स की हत्या कर उसकी लाश जला दी और खुद फरार हो गया, लेकिन पुलिस की नजर से उसका अपराध छिप नहीं सका। उसे हरियाणा के पानीपत से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन



रोंगटे खड़ी करनी वाली यह घटना देहात कोतवाली के दूबेपुर गांव की है। 16 जनवरी को गांव में विक्रांत वर्मा नाम के युवक के फार्महाउस पर अलाव के पास एक लाश बुरी तरह जली हुई मिली। पास ही विक्रांत का मोबाइल भी पड़ा था। परिजनों ने विक्रांत की हत्या कर उसे जलाने का आरोप लगाते हुए कोतवाली देहात में केस दर्ज करा दिया। रहस्यमय हत्या के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया।

इस बीच पुलिस टीम को भनक लगी कि विक्रांत अभी जिंदा है। इसके बाद घटनास्थल के आसपास के मोबाइल लोकेशन को ट्रेस किया गया। सीसीटीवी फुटेज खंगाने पर संदेह पुख्ता हो गया। पुलिस ने उसे पानीपत जिले के विकासनगर थाना क्षेत्र के इंडस्ट्रीयल एरिया से आठ फरवरी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने सच उगल दिया।
विज्ञापन


बताया कि दूबेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात नियमित चालक द्वारिकानाथ शुक्ला को शराब पिलाई। नशा होने पर हत्या कर लाश को जला दिया। द्वारिकानाथ शुक्ला अयोध्या जिले के खंडासा थाने के गांव रौतावां के रहने वाले थे। शुक्रवार को लंभुआ सीओ अब्दुस सलाम ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

पानीपत के अपने दो साथियों के साथ किया जुर्म
फार्महाउस के कारोबार में घाटा होने के बाद विक्रांत वर्मा पानीपत में नौकरी करने लगा था। वहीं उसकी प्रेमिका भी है। उसने वारदात को अंजाम देने के लिए अपने दो साथियों शक्तिमान और अनुज साहू की मदद ली। दोनों कासगंज जिले के सोरो थाने के तुमरिया गांव निवासी हैं। शक्तिमान फिलहाल पानीपत में ही रहता था। पुलिस ने वहीं से तीनों को गिरफ्तार किया है।



पेट्रोल डालकर जलाया था
विक्रांत साजिश को अंजाम देने के लिए घटना के एक दिन पहले ही घर आया था। उसने अपने साथियों के साथ स्वास्थ्य विभाग में चालक द्वारिकानाथ शुक्ला को अमहट में शराब पिलाई और फिर हत्या करने के बाद लाश को पेट्रोल डालकर जला दिया। इससे तमाम कोशिश के बाद भी उसकी पहचान नहीं हो सकी।

स्वाट टीम की बड़ी सफलता
-मामले के खुलासे में भले ही देहात कोतवाली पुलिस कामयाब रही हो, लेकिन इसके पीछे स्वाट टीम का बड़ा योगदान रहा। स्वाट टीम प्रभारी उपेंद्र सिंह ने अपने सहयोगियों समरजीत सरोज, विकास सिंह, तेजभान सिंह और अबु हमजा के साथ मिलकर सुनिश्चित किया कि विक्रांत कहीं पुलिस टीम को गुमराह न कर दे। इसके लिए उन्होंने बारीकी से हर तथ्य का परीक्षण किया। खुलासा होने में लगी देरी के पीछे यह भी एक वजह थी।


पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम
पुलिस अधीक्षक ने रहस्यमय हत्याकांड का खुलासा करने वाली कोतवाली देहात व स्वाट टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया है। कोतवाली टीम ने प्रभारी निरीक्षक श्याम सुन्दर, सब इंस्पेक्टर अखिलेश सिंह, विनय कुमार सिह, हेड कांस्टेबल विजेन्द्र कुमार, कांस्टेबल विजय कुमार यादव और आलोक पाल शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें