बंदरों की उछलकूद के दौरान मकान के छज्जे से एक ईंट कॉलेज जा रही छात्रा के सिर पर गिर गई। इससे छात्रा सड़क पर ही गिर पड़ी। आननफानन में लोगों ने लहूलुहान छात्रा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्रा की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के कस्बा के वार्ड नंबर चार निवासी मुन्ना की पुत्री रुकसिया बानों (18) क्षेत्र के मंगलम डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। बृहस्पतिवार सुबह वह घर से कॉलेज के लिए निकली थी। वह थोड़ी दूर पहुंची थी कि एक मकान पर कुछ बंदर उछलकूद कर रहे थे।
रुकसिया जैसे ही मकान की ओर से गुजरी तभी छज्जे से एक ईंट लुढ़क कर छात्रा के सिर पर गिर पड़ी। ईंट लगते ही छात्रा जमीन पर गिर पड़ी। लोगों ने दौड़कर छात्रा को उठाया। लहूलुहान हालत में लोग छात्रा को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
छात्रा की मौत की सूचना पर कोहराम मच गया। पीड़ित के घर लोगों का तांता लग गया। हादसे के बाद लोगों ने वन विभाग के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। लोगों का कहना था कि क्षेत्र के आसपास के जंगलों में सैकड़ों बंदरों को बाहर से लाकर छोड़ा गया है।
इन्हीं बंदरों में तमाम ने कस्बे को अपना आशियाना बना लिया है। आए दिन बंदर लोगों पर हमला करने से भी नहीं चूक रहे हैं। लोगों का आरोप था कि कई बार बंदरों की धर-पकड़ के लिए वन विभाग के अधिकारियों से कहा गया लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
डीएफओ आरए प्रसाद ने कहा कि छात्रा की मौत बहुत दुखद है। आज तक ऐसी घटना नहीं सुनी। किसी ने बंदरों के उपद्रव की सूचना नहीं दी है। पूरे मामले की जांच मुसाफिरखाना के रेंजर को सौंपेंगे। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।