खानापुर गांव की दलित महिला प्रधान की जीप से कुचल कर मौत को 24 घंटे भी नहीं बीता था कि उसकी घायल बेटी ने भी ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में दम तोड़ दिया। बुधवार को पोस्टमॉर्टम के बाद जैसे ही शव घर पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। परिवारीजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर मां-बेटी के शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया है। पुलिस के अधिकारी परिवारीजनों को समझाने-बुझाने में जुटे हैं।
पीपरपुर थाना क्षेत्र के खानापुर (बीकापुर) की प्रधान सीता देवी (42) पत्नी जगदेव बीते सोमवार की शाम करीब पांच बजे बेटी श्यामा देवी (17) के साथ खेत देखकर वापस घर लौट रही थीं। गांव के बाहर इलाहाबाद-फैजाबाद मार्ग पर दुर्गापुर के पास तेज रफ्तार काली रंग की बोलेरो जीप मां-बेटी को सड़क किनारे रौंदते हुए फरार हो गई थी। मौके पर ही प्रधान की मौत हो गई थी, जबकि उसकी बेटी श्यामा देवी को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में भर्ती कराया गया था।
पुलिस ने प्रधान के पति जगदेव की तहरीर पर पूर्व प्रधान चंद्र प्रकाश मिश्र, श्रीकांत मिश्र (पिता-पुत्र), राम मिलन कोरी और अविनाश सिंह यादव के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार की देर रात श्यामा देवी की उपचार के दौरान ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में मौत हो गई। बुधवार को पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया।
परिवारीजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक मां और बेटी के अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही है। एसओ पीपरपुर जगदीश यादव ने आश्वासन दिया, लेकिन देर शाम तक परिवारीजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए।