सुल्तानपुर। जिले की हजारों ग्रामीण महिलाओं के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 300 स्वयं सहायता समूहों को 90 लाख रुपये का स्थायी वित्तीय कोष दिया जाएगा। प्रत्येक समूह के खाते में 30 हजार रुपये भेजे जाएंगे, जिससे महिलाएं आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकेंगी।
यह वित्तीय कोष महिलाओं को छोटे कारोबार शुरू करने में मदद करेगा। विभाग समूहों के बैंक खाते और अध्यक्ष व सचिव से संबंधित विवरण जुटा रहा है। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही धनराशि सीधे समूहों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी जाएगी। यह वित्तीय कोष मिलने के बाद समूह की सदस्य महिलाएं मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर ऋण ले सकेंगी। सिलाई, डेयरी, पशुपालन, किराना और खाद्य प्रसंस्करण जैसे छोटे उद्यम शुरू कर पाएंगी। जरूरत पड़ने पर घरेलू आवश्यकताओं के लिए भी समूह से वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगी।
आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है
जिला मिशन प्रबंधक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि स्थायी वित्तीय कोष का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। समूहों के माध्यम से मिलने वाली यह सहायता उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित करेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। छोटे कारोबार की शुरुआत के लिए यह फंड पूंजी जुटाने की समस्या को काफी हद तक दूर करेगा। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा।
एक नजर में
300 स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा लाभ
कुल 90 लाख रुपये का रिवॉल्विंग फंड
प्रत्येक समूह को 30 हजार रुपये की सहायता
एक प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा ऋण
छोटे कारोबार और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता होगी मजबूत।