कुड़वार (सुल्तानपुर)। मेहनत, लगन और जज्बे से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। खादर बसंतपुर की साधना पांडेय ने इसे पूरा कर दिखाया। सास और पति का साथ मिलने पर साधना लोक गायन में अपनी पहचान बनाकर महिलाओं की आदर्श बन गई हैं। उनके गाए लोक गीत ‘पूंछ रही राधा बताओ गिरधारी, मैं लागूं प्यारी या बांसुरी है प्यारी’ आज लोग गुनगुना रहे हैं।
साधना पांडेय को बचपन से ही लोक गायन का शौक था। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल सका। वर्ष 2017 में विवाह के बाद जब वे अपने ससुराल पहुंचीं तो उन्होंने अपने सपनों के बारे में सास और पति से खुलकर बताया। ससुराली जनों ने साथ देने की हामी भरी तो उनके हौसले को मानो पंख लग गए। साधना ने बताया कि पति और सास हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाते हैं और यही वजह है कि घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी कला को भी पूरी निष्ठा से निभा रही हैं। उनके भजन और लोकगीत आज खूब पसंद किए जा रहे हैं।
साधना पांडेय न केवल एक कुशल गृहिणी हैं, बल्कि एक लोक गायिका और स्वरोजगार से जुड़ी ब्यूटीशियन के रूप में महिलाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं। बताती हैं कि यदि आत्मविश्वास और परिवार का साथ हो तो मुकाम हासिल किया जा सकता है।