सुल्तानपुर। चैत्र नवरात्र के चौथे दिन शुक्रवार को मां के कूष्मांडा स्वरूप की आराधना की गई। घरों व मंदिरों में दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ किया गया। शहर समेत ग्रामीण अंचल के देवी मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ जुटी रही। पूरे दिन भजन कीर्तन का दौर चला। मां कूष्मांडा को रोग और शोक दूर करने वाली देवी माना जाता है।
श्रद्धालु शुक्रवार को सुबह जल्दी उठकर मंदिर पहुंचे और माता के दर्शन किए। शहर के रुद्रनगर स्थित नयना माता मंदिर, शाहगंज चौराहा स्थित काली माता मंदिर समेत सभी मंदिरों में पूजा-अर्चना हुई। आरती के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में भी श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंचे। शहर से सटे लोहरामऊ स्थित प्राचीन दुर्गा माता मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर के पुजारी पं. राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने बताया कि देवी मां के चौथे स्वरूप का आह्वान या देवी सर्वभूतेषू मां कूष्मांडा रूपेण संस्थिता श्लोक के साथ करते हैं। यह रोग और शोक नाशिनी हैं।