सुल्तानपुर। दिसंबर का अंतिम सप्ताह बीतने वाला है लेकिन कड़ाके की ठंड का आगाज नहीं हुआ है। मंगलवार को सुबह एकाएक मौसम का मिजाज बदला और बूंदाबांदी होने लगी। दिनभर बादल छाए रहे। धूप नहीं निकलने की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। जिले के किसानों के मुताबिक, बूंदाबांदी से गेहूं-सरसों की फसल को फायदा होगा। इधर, शहर के प्रमुख चौराहों पर अलाव नहीं जलते दिखाई दिए।
जिले में मंगलवार को एकाएक मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह आठ बजे के करीब बूंदाबांदी होने लगी। दोपहर तक मौसम इसी तरह बना रहा। दोपहर सवा 12 बजे के आसपास एक बार फिर बूंदाबांदी हुई। इसके बाद शाम चार बजे के करीब फिर से बूंदाबांदी होने लगी। बूंदाबांदी मुश्किल से पांच से सात मिनट तक ही हुई। शहर के बस स्टेशन, मेडिकल कॉलेज, डाकखाना चौराहा, सब्जी मंडी, पंचरास्ता समेत प्रमुख स्थानों पर अलाव जलता नहीं दिखाई दिया।
दूबेपुर कस्बे के प्रगतिशील किसान रामकीरत मिश्र ने बताया कि चना, मटर, अरहर, सरसों व सब्जी की फसलों को फायदा हुआ है। बल्दीराय तहसील क्षेत्र के प्रगतिशील किसान जमील अहमद ने बताया कि बूंदाबांदी से ठंड बढ़ी है। गेहूं की फसल के लिए जितनी अधिक सर्दी और कोहरा गिरे, उतना ही फायदा होगा।
आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र के मुताबिक मंगलवार को अधिकतम तापमान 11.4 और न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तरी-पूर्वी हवा की गति 1.4 किमी/घंटा दर्ज की गई।
कोहरा नहीं पड़ने से फसल होगी प्रभावित
कोहरा गेहूं की फसल के लिए वरदान होता है। दिसंबर माह का अंतिम सप्ताह चल रहा है। दिसंबर माह में कोहरा नहीं पड़ रहा है। साथ कड़ाके की ठंड भी नहीं हो रही है। कोहरा और सर्दी नहीं पड़ने से गेहूं की पैदावार पर असर पड़ सकता है। - सदानंद चौधरी, जिला कृषि अधिकारी।
महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद