जिले में मंगलवार को मौसम ने एक बार फिर करवट बदल लिया। मौसम के बदले मिजाज से सुबह से ही बूंदाबांदी शुरू हो गई। दिन में कई बार रुक-रुककर बूंदाबांदी होने से ठंड बढ़ गई है। बूंदाबांदी को गेहूं समेत सभी फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। मौसम विभाग ने बुधवार को छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई है।
कई दिनों से दिन में हो रही तेज धूप से गर्मी होने लगी थी। मंगलवार को मौसम ने एक बार फिर करवट बदल लिया और सुबह के समय से ही बूंदाबांदी होने लगी। दिन में रुक-रुककर हो रही बूंदाबांदी से मौसम सर्द हो गया। बूंदाबांदी होने से फसलों में हरियाली आ गई है। गेहूं, जौ, मटर, चना, राई, सरसों, अरहर समेत सभी फसलों के लिए बूंदाबांदी फायदेमंद मानी जा रही है। मगर ठंड में इजाफा हो गया है।
इससे लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी। मौसम विभाग ने बुधवार को छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई है। नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम पर्यवेक्षक योगेंद्र कुमार सिंह नागा ने बताया कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 29.0 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 24.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर14.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.0 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। मौसम में आर्द्रता 90-82 फीसदी रही। दक्षिणी-पछुआ हवा की गति 2.6 किमी/घंटे रिकॉर्ड की गई।