पिछले साल हुई बारिश का असर जिले में दिखने लगा है। गर्मी की शुरुआत होते ही जल स्तर गिरने लगा है। हालत यह है कि अधिकतर क्षेत्रों का जल स्तर 120 फिट के आसपास पहुंच गया है। इसके ऊपर पेयजल योग्य पानी नहीं मिलने से जलनिगम भी हैंडपंपों की बोरिंग तकरीबन इसी जल स्तर पर कई वर्षों से कर रहा है।
इसके बाद भी एक हजार से अधिक हैंडपंप जल स्तर गिरने व अन्य खामियों से बंद हो गए हैं। वर्षों पूर्व स्थापित दर्जन भर से अधिक राजकीय नलकूप भी जल स्तर गिरने से बंद हो गए हैं। इनमें कई की बोरिंग कराकर नलकूप विभाग ने फिर से चालू कराया है। जलाशयों के प्रमुख स्रोतों में शामिल तालाबों में पानी नहीं होने से जल स्तर में गिरावट जारी है। गर्मी बढ़ने से खासकर पशु-पक्षियों पानी के लिए और संकट बढ़ने के आसार हैं।
50 हजार हैंडपंप में एक हजार खराब
जलनिगम के आंकड़ों के मुताबिक जनपद में 50,000 से अधिक हैंडपंप लगे हैं। इनमें 1000 हैंडपंप विभिन्न वजहों से खराब हो गए हैं। कुछ जल स्तर की वजह से बंद हैं तो कुछ अन्य खामियों से। इस वर्ष 700 हैंडपंपों के रिबोर के लिए 2 करोड़ 36 लाख रुपये का बजट जलनिगम को मिला है।