सुल्तानपुर। बारिश ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं की हकीकत सामने ला दी। शुक्रवार रात में हुई बारिश से नई बिल्डिंग के बेसमेंट में जलभराव होने से लिफ्ट खराब होकर बंद हो गई, जबकि अल्ट्रासाउंड यूनिट भी ठप रही।
इसका खामियाजा दूर-दराज से इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भुगतना पड़ा। बुजुर्ग, गर्भवती और गंभीर मरीजों को सीढ़ियां चढ़कर वार्डों तक पहुंचना पड़ा। अल्ट्रासाउंड नहीं होने से मरीजों को निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ा।
शुक्रवार रात जिले में करीब 56 मिमी बारिश हुई। बारिश का पानी बेसमेंट में भर गया। लिफ्ट की डक में पानी घुसने से पूरा सिस्टम खराब हो गया। शनिवार सुबह ओपीडी खुलते ही मरीजों की लंबी कतारें लग गईं, लेकिन लिफ्ट बंद होने से तीसरी और चौथी मंजिल तक पहुंचना किसी परीक्षा से कम नहीं रहा। कई बुजुर्ग मरीज और उनके परिजन सीढ़ियों पर बैठकर हॉफते दिखाई दिए।
सबसे अधिक असर अल्ट्रासाउंड सेवा पर पड़ा। बेसमेंट में जलभराव के कारण मशीन बंद करनी पड़ी और पूरे दिन जांच नहीं हो सकी। डॉक्टरों ने जिन मरीजों को जांच कराने की सलाह दी थी, उन्हें निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों पर भेजा गया। वहां 650 से 700 रुपये तक खर्च कर जांच करानी पड़ी।