सुल्तानपुर। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पर जानेलवा हमला कर अपहरण करने के मामले में स्पेशल जज एमपी-एमएलए/एडीजे प्रथम उत्कर्ष चतुर्वेदी ने बुधवार को सदर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सीताराम वर्मा व बसपा नेता रिजवान उर्फ पप्पू के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने यह आदेश विधायक व बसपा नेता के गैर हाजिर रहने पर किया है। मामला लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के सनईराम गांव से जुड़ा है।
गांव निवासी पृथ्वीपाल यादव वर्ष 2012 में जिला पंचायत सदस्य थे और बाद में जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। 12 सितंबर 2012 को पृथ्वीपाल यादव गांव के कई अन्य लोगों के साथ अपने दरवाजे पर बैठकर बात कर रहे थे।
आरोप है कि तभी तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष व मौजूदा समय में सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सीताराम वर्मा, तत्कालीन बसपा जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्रा, जिला पंचायत सदस्य धर्मेंद्र कुमार उर्फ बब्लू, बसपा नेता रिजवान उर्फ पप्पू, बृजेश वर्मा और 10-12 अज्ञात लोगों के साथ असलहे से लैस होकर पृथ्वीपाल यादव के दरवाजे पर पहुंचे थे।
आरोप के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर पृथ्वीपाल यादव को धमकी दी गई और शपथपत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए धमकाया गया था। मना करने पर उन पर रिवाल्वर तान दी गई थी और जान से मारने के लिए फायरिंग की गई थी।
पृथ्वीपाल यादव की पत्नी उमा देवी की तहरीर पर पुलिस ने तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष व भाजपा विधायक सीताराम वर्मा, तत्कालीन बसपा जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्रा, जिला पंचायत सदस्य धर्मेंद्र कुमार उर्फ बब्लू, बसपा नेता रिजवान उर्फ पप्पू, बृजेश वर्मा और 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला व अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था।
पांच दिसंबर 2012 को लंभुआ के तत्कालीन कोतवाल दीनानाथ मिश्र ने विधायक सीताराम वर्मा व बसपा नेता रिजवान उर्फ पप्पू के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई स्पेशल जज एमपी-एमएलए/एडीजे प्रथम उत्कर्ष चतुर्वेदी की कोर्ट में चल रही है।
कोर्ट ने गैर हाजिर रहने पर विधायक सीताराम वर्मा व बसपा नेता रिजवान उर्फ पप्पू के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 13 दिसंबर की तिथि नियत की है।