गंभीर रोगियों की तुरंत हो रही जांच, सामान्य मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी
मेडिकल कॉलेज में सोमवार को 173 मरीजों का हुआ एक्सरे
संवाद न्यूज एजेंसी
सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्सरे के लिए तीन दिन की वेटिंग मिल रही है। एक्सरे कक्ष के बाहर लंबी कतार लग रही है। समय पर पहुंचे तो नंबर लगता है और अगर दोपहर में पहुंचे तो बैरंग लौटना पड़ता है। सोमवार को 173 मरीजों का एक्सरे किया गया। जबकि 20 लोगों को तीन दिन बाद आने के लिए बोला गया। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद स्वास्थ्य सुविधा बढ़ी है। इसलिए ओपीडी में मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। एक्सरे कक्ष में जहां पहले महज 50-60 लोग जांच के लिए पहुंचा करते थे, वहीं अब 180 से 200 लोग पहुंच रहे हैं।
प्रतापगंज से आई श्यामलली ने बताया कि वह हाथ में चोट का इलाज कराने मेडिकल कालेज पहुंची। ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने एक्सरे की सलाह दी। दोपहर करीब एक बजे एक्सरे कराने पहुंची तो पता चला कि अभी 30 लोगों के बाद नंबर आएगा। एक घंटे इंतजार के बाद कहा गया कि तीन दिन बाद आना। मजबूरी में निजी केंद्र पर एक्सरे कराया तो सात सौ रुपया भुगतान करना पड़ा। मुसाफिरखाना से आए भगवान दीन प्रजापति ने बताया कि कूल्हे का आपरेशन दो महीने पहले कराया था। सोमवार को दर्द होने पर मेडिकल कॉलेज पहुंचा तो डॉक्टर ने एक्सरे कराकर रिपोर्ट लाने को कहा। जब एक्सरे कक्ष के पास पहुंचा तो उन्हें दो दिन बाद आने के लिए कहा गया। प्राइवेट सेंटर पर एक्सरे कराया तो छह सौ रुपये चार्ज लिया गया।
इनसेट
लाइन जरूरी, दिव्यांग व बुजुर्ग होते हैं परेशान
एक्स-रे कराने पहुंचने वालों को लाइन में लगना जरूरी है, क्योंकि नंबर के आधार पर एक्सरे किया जाता है। हालांकि, अस्पताल में भर्ती या अन्य इमरजेंसी केस के लिए पहले एक्सरे की प्राथमिकता है, लेकिन कतार में घंटों तक खड़े होने से दिव्यांग और बुजुर्गों को परेशान होना पड़ता है। बैठने के लिए आसपास कुर्सियां लगी हैं, जो पर्याप्त नहीं है।
एक एक्सरे करने में करीब आठ से दस मिनट लगते हैं। मेडिकल कॉलेज में क्षमता से अधिक एक्सरे हो रहे हैं। गंभीर रोगियों का हर हाल में एक्सरे हो रहा है। कोशिश होती है कि हर मरीज का एक्सरे हो, फिर भी भीड़ के कारण वेटिंग मिल रहा होगा। -डॉ. सुधीर कुमार गोयल, सीएमएस मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर।