धनपतगंज (सुल्तानपुर)। रामलीला में चौपाइयां गाते हुए जिस व्यास की आवाज से पूरा मंच गूंज रहा था, कुछ ही पलों बाद वहां सन्नाटा पसर गया। बुधवार देर रात हरौरा कस्बे में राम बरात के मंचन के दौरान व्यास पीठ से रामलीला का संचालन कर रहे गंगाधर मिश्र (58) अचानक अचेत होकर मंच पर गिर पड़े। उन्हें गिरता देखकर अफरातफरी मच गई। समिति के सदस्य उन्हें जिला मुख्यालय स्थित एक निजी नर्सिंग होम ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना से रामलीला समिति और उनके परिवार में शोक छा गया।
हरौरा कस्बे में नव दुर्गा रामलीला समिति की ओर से बुधवार रात 11 बजे राम बरात प्रसंग का मंचन हो रहा था। रामनगर (खुरमा) निवासी गंगाधर मिश्र व्यास पीठ से चौपाइयां गाकर प्रसंग का संचालन कर रहे थे। तभी अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह मंच पर गिर पड़े। कुछ देर पहले तक चौपाइयां गा रहे गंगाधर को इस हालत में देखकर लोग घबरा गए। उन्हें निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके। चिकित्सक के मुताबिक, हार्ट अटैक से मौत होने की आशंका जताई है।
25 साल से कर रहे थे व्यास पीठ का संचालन
बृहस्पतिवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गंगाधर खेती-किसानी करने के साथ 25 साल से रामलीला में व्यास पीठ से संचालन की जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनके निधन से रामलीला समिति के सदस्यों और कस्बे के लोगों में शोक है। पत्नी सुमन समेत परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके चार पुत्र हैं।
इनसेट
क्यों पड़ता है दिल का दौरा
मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन व सीएमएस डॉ. अविनाश चंद्र गुप्ता के अनुसार, हृदय की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमने से रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है। इससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। उम्र बढ़ने, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और धूम्रपान जैसे कारकों से जोखिम बढ़ सकता है। अत्यधिक शारीरिक या भावनात्मक तनाव भी कुछ लोगों में हृदय पर दबाव बढ़ा सकता है।
इनसेट
दिल की सेहत के लिए जरूरी सावधानियां
45 वर्ष की उम्र के बाद डॉक्टर की सलाह से नियमित बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं।
रामलीला और जागरण जैसे आयोजनों में लगातार देर तक जागने और अत्यधिक थकान से बचें।
संतुलित भोजन करें, धूम्रपान से दूर रहें और नियमित व्यायाम करें।
सीने में दर्द, सांस फूलने या अचानक पसीना आने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
इनसेट
हार्ट अटैक के लक्षण दिखें तो तुरंत करें ये पांच काम
मदद बुलाएं: सीने में दर्द, सांस फूलने या अचानक बेचैनी होने पर तुरंत 112 या उपलब्ध एंबुलेंस सेवा 108 पर संपर्क करें।
आराम से बैठाएं: मरीज को चलने न दें और आरामदायक स्थिति में रखें।
अस्पताल पहुंचाएं: लक्षण कम होने का इंतजार न करें, तत्काल चिकित्सा सहायता लें।
सीपीआर दें: मरीज बेहोश हो और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो तो आपातकालीन सहायता बुलाकर छाती के बीच 100-120 बार प्रति मिनट दबाव दें।
खाना-पानी न दें : बेहोश मरीज को कुछ न खिलाएं-पिलाएं। बिना चिकित्सकीय सलाह दवा न दें।