सुल्तानपुर। खंड स्नातक विधान परिषद चुनाव को लेकर पढ़े-लिखे लोग गंभीर नहीं दिख रहे हैं। निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची इसे तस्दीक कर रही है। खंड स्नातक मतदाता सूची में मात्र 15,024 मतदता हैं। यह हाल तब है जब जिले में स्नातकों की संख्या करीब साढ़े सात लाख है और जिले में प्रति वर्ष करीब 25 हजार नए स्नातक बनते हैं। आयोग के निर्देश पर करीब एक माह तक मतदाता बनाने का अभियान चलाया गया। इसके बाद भी स्नातक इसे लेकर संजीदा नहीं हुए।
गोरखपुर-फैैैैजाबाद खंड स्नातक विधान परिषद चुुनाव के लिए 30 जनवरी को मतदान होगा। इसके लिए नामांकन प्रक्रिया चल रही है। चुनाव में स्नातक वोटर बनाए जाते हैं। वोटर बनाने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से करीब प्रत्येक छह वर्ष बाद अभियान चलाया जाता है लेकिन इस निर्वाचन के प्रति अपेक्षाकृत जागरूक समझे जाने वाले स्नातक डिग्रीधारी भी संजीदा नहीं है।
आंकड़ों के मुुुताबिक मौजूदा समय में जिले की आबादी करीब 28 लाख है। इतनी बड़ी आबादी में विधानसभा निर्वाचक नामावली में करीब 18 लाख मतदाता हैं। इन मतदाताओं में करीब साढ़े सात लाख स्नातक या फिर इससे अधिक की डिग्री वाले शामिल हैं। यही नहीं स्नातकों की संख्या प्रत्येक वर्ष करीब 25 हजार बढ़ रही हैैै। इतनी बड़ी संख्या के बाद भी स्नातक डिग्रीधारी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं हैं।
इसकी पुष्टि खंड स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए तैयार मतदाता सूची से हो रही है।
खंड स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए तैयार मतदाता सूची में सिर्फ 15,024 स्नातक डिग्रीधारी ही मतदाता हैं। बड़ी आबादी व उसमें स्नातकों की बड़ी संख्या के बाद भी मतदाता नहीं बनना यह साबित करता है कि लोग इस चुनाव को लेकर गंभीर नहीं हैं। खंड स्नातक चुनाव के प्रति स्नातक डिग्रीधारियों की बेरुखी एमएलसी प्रत्याशियों की राह आसान बना रही है। उन्हें प्रचार के लिए सीमित लोगों से ही संपर्क करना पड़ता है।
इस बार अभियान में बने सिर्फ चार हजार वोटर
अपर जिला मजिस्ट्रेट बी प्रसाद ने बताया कि गत चुनाव में करीब 11 हजार खंड स्नातक विधान परिषद चुनाव के मतदाता रहे। इस बार अभियान में भी स्नातक डिग्रीधारियों ने कोई खास रुचि नहीं ली। इसकी वजह से सिर्फ चार हजार वोटर ही बढ़ सके। जबकि जिले में करीब साढ़े सात लाख स्नातक डिग्रीधारी हैं।