दो माह से अंधेरे में रह रहे बौढ़िया बालमऊ गांव के ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। शनिवार को ग्रामीणों ने "बिजली नहीं तो वोट नहीं" के नारे लगाए। ग्रामीणों ने प्रत्याशियों का गांव में प्रवेश वर्जित लिखा बैनर टांगकर मतदान के बहिष्कार का निर्णय लिया।
गांव में 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा है। यह ट्रांसफार्मर दो माह के भीतर चार बार फुंक चुका है। दो माह से गांव के लोग अंधेरे में रहने को विवश हैं। ट्रांसफार्मर की क्षमता नहीं बढ़ाए जाने से ग्रामीणों में रोष है।
गांव निवासी रामसूरत तिवारी, अमर बहादुर सिंह, संतोष यादव, शिव शंकर मिश्र, महंथ बहादुर सिंह, मो. इदरीश, सिद्वनाथ, कृष्णा तिवारी, सुरेश मिश्र ने कहा कि इस बार मतदान का बहिष्कार होगा।