सुल्तानपुर। शहर से लगभग नौ किमी दूर मिश्रपुर पुरौना के पास यूपी एसटीएफ और बदमाशों के बीच ताबड़तोड़ गोलियां चलीं। भोर में लगभग तीन बजे गोलियों की आवाज से आसपास के गांवों के लोगों की नींद टूटी गई। उन्हें लगा कि कोई बड़ी वारदात हो गई है, लेकिन सूर्योदय होने तक ये बात चहुंओर फैल गई कि एसटीएफ ने डकैती कांड के आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराया। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
एसटीएफ और बदमाशों के बीच जिस जगह मुठभेड़ हुई, उसके आसपास लगभग आधा किलोमीटर की परिधि में मिश्रपुर पुरौना के अलावा साहूपुर और हनुमानगंज गांव बसे हैं। भोर में जब गोलियां चलीं तो कई किलोमीटर तक उनकी गूंज सुनाई दी। खासकर आसपास बसे इन तीन गांवों के लोगों की नींद टूट गई। ग्रामीण घरों से बाहर निकल पड़े और एक दूसरे से गोली चलने के बाबत सवाल जवाब करने लगे। लगभग तीन घंटे तक पशोपेश की स्थिति बनी रही। इसी बीच सोशल मीडिया पर पुलिस मुठभेड़ की फोटो और वीडियो वायरल होने लगे, जिन्हें देखने के बाद ग्रामीणों की शंका दूर हुई। बताया जा रहा है कि बदमाशों की तरफ से सात राउंड फायरिंग की गई। एसटीएफ ने भी चार राउंड फायरिंग की, जिसमें डकैत मंगेश मारा गया। ्र
अजय यादव गिरोह का सक्रिय सदस्य था मंगेश
यूपी एसटीएफ से मुठभेड़ में मारा गया डकैत मंगेश यादव 2021 से अपराध जगत में सक्रिय था। वह जौनपुर में सक्रिय अजय यादव गिरोह का सक्रिय सदस्य था। उसके ऊपर सुल्तानपुर ही नहीं, बल्कि जौनपुर और प्रतापगढ़ में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मंगेश ने 2021 में करौंदीकला में लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिसके बाद इसके ऊपर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई थी। ठठेरीबाजार में सराफ भरत जी सोनी की दुकान में 28 अगस्त की दोपहर हथियारों से लैस पांच बदमाश घुसे थे। तीन बदमाशों ने हेलमेट पहन रखा और दो ने अपना चेहरा गमछे से ढ़का था। बताया जा रहा है कि इन पांच बदमाशों में एक मंगेश भी था। बृहस्पतिवार भोर में मंगेश और उसका साथी सुल्तानपुर से जौनपुर भागने की फिराक में थे, लेकिन रास्ते में ही एसटीएफ और पुलिस ने उन्हें घेर लिया। महज तीन सालों में अपराध की दुनिया में कुख्यात मंगेश का आपराधिक इतिहास फिर से खंगाला जा रहा है। अभी इसके खिलाफ आठ मुकदमे दर्ज हैं।
मंगेश पर 2022 में लगा था गैंगस्टर
जौनपुर के साथ ही आसपास के जनपदों में सक्रिय अजय यादव गैंग का मंगेश उर्फ कुंभे सक्रिय सदस्य था। अजय और मंगेश पर सुल्तानपुर के करौंदीकला की पुलिस ने 2022 में गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। मंगेश ने करौंदीकला में ही एक सितंबर को छात्र मोहित पांडेय का मोबाइल छीनने का प्रयास किया था, जिसमें इसके खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज किया गया था। मंगेश के खिलाफ बाइक चोरी का मुकदमा भी करौंदीकला में ही लिखा गया था।
एसटीएफ की टीम में ये रहे शामिल
सीओ धर्मेंद्र कुमार शाही के साथ टीम में निरीक्षक राघवेंद्र सिंह और महावीर सिंह, दरोगा अतुल चतुर्वेदी व प्रदीप सिंह, मुख्य आरक्षी राम निवास शुक्ला, सुशील सिंह, नीरज पांडेय, सिपाही अमित त्रिपाठी और अमित श्रीवास्तव शामिल रहे। सीओ एसटीएफ डीके शाही ने डकैतों के साथ हुई मुठभेड़ के मामले में कोतवाली देहात में केस दर्ज कराया है।