अमेठी। फसलों को चौपट कर रहे आवारा पशुओं से नाराज ग्रामीणों ने 125 मवेशियों को खदेड़कर निर्माणाधीन विद्युत उपकेंद्र परिसर में बंद कर दिया। शुक्रवार की सुबह छह मवेशी वहां मरे मिले, बाकी 119 लापता थे।
मवेशियों के नदारद होने से पशु विभाग के साथ ही पुलिस विभाग में हड़कंप मचा है। पशु चिकित्सा अधिकारी की तहरीर पर एक नामजद व 74 अज्ञात के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज कर पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है।
पीपरपुर थाना क्षेत्र के लहना, मोचवा, पीपरपुर, भेंवई, नगरडीह समेत कई गांवों में आवारा मवेशी लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे। इससे लोगों में नाराजगी थी।
पिछले बुधवार को करीब एक सैकड़ा लोगों ने आवारा मवेशियों को खदेड़कर पीपरपुर थाने से मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित निर्माणाधीन विद्युत उपकेंद्र की बाउंड्रीवाल के अंदर बंद कर दिया था।
एसओ पीपरपुर रवींद्र सिंह ने इसकी सूचना एसडीएम योगेंद्र सिंह व तहसीलदार पल्लवी सिंह को दी थी। एसडीएम और तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर पशु चिकित्सा अधिकारी भादर से सभी जानवरों की टैगिंग करने का आदेश दिया था। पशु चिकित्सा अधिकारी ने बुधवार को 107 मवेशियों जबकि बृहस्पतिवार को 18 की टैगिंग की थी।
पशुओं को पीटते हुए खदेड़ने के मामले में पशु चिकित्सा अधिकारी भादर ने पीपरपुर थाने में पीपरपुर गांव निवासी रणजीत व 74 अज्ञात के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया था। शुक्रवार की सुबह निर्माणाधीन विद्युत उपकेंद्र की बाउंड्रीवाल के गेट पर लगा ताला खुला मिला।
उपकेंद्र के अंदर टैगिंग करके रखे गए 125 मवेशियों में से छह मरे मिले जबकि 119 मवेशी लापता थे। मवेशियों की मौत और टैगिंग किए गए 119 मवेशियों के लापता होने से पशु विभाग के साथ ही पुलिस विभाग में हड़कंप मचा है।