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200 गांवों के ग्रामीण बन सकेंगे अपने आबादी की भूमि के मालिक

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सुल्तानपुर। जिले के 200 गांवों के ग्रामीण जल्द ही अपने आबादी की भूमि के मालिक बन जाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण के कार्य की सफलता के बाद केंद्र सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत दूसरे चरण का कार्य शुरू कर दिया है। दूसरे चरण में जिले की प्रत्येक तहसीलों के 40 गांवों का चयन किया गया है। जल्द ही चयनित गांवों की आबादी का चित्र ड्रोन कैमरे से लिया जाएगा। योजना से ग्रामीणों को आबादी की भूमि पर बैंक लोन समेत कई लाभ मिल सकेंगे।
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केंद्र सरकार ने ग्रामीणों को खतौनी की तर्ज पर आबादी की भूमि की घरौनी बनाने के लिए जून माह से स्वामित्व योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की थी। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद केंद्र सरकार ने दूसरे चरण का कार्य शुरू कर दिया है। दूसरे फेज में जिले के दो सौ गांवों का चयन स्वामित्व योजना के तहत किया गया है। इसमें प्रत्येक तहसील के 40 गांव चयनित किए गए हैं।
पांचों तहसील के दौ सौ गांवों का चयन करते हुए इसकी सूचना राजस्व विभाग ने शासन को भेज दी है। अब चयनित गांवों का ड्रोन कैमरे से मानचित्र लिए जाने की तैयारी चल रही है। इन गांवों का सर्वे प्रशासन की ओर से कराया जा चुका है। ड्रोन से फोटो लिए जाने के बाद घरौनी का मानचित्र बनाने व उस पर दावा-आपत्ति लिए जाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। निस्तारण के बाद ग्रामीणों को खतौनी की तरह उनके कब्जे वाली आबादी की भूमि का घरौनी प्रमाण पत्र मिल सकेगा।
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घरौनी प्रमाण पत्र के फायदे
आबादी की भूमि की घरौनी बनने पर उसे राजस्व विभाग अपने रिकॉर्डों में फीड कराएगा। राजस्व रिकॉर्ड में घरौनी दर्ज होने पर उसकी ग्रामीणों को जरूरत पड़ने पर नकल मिल सकेगी। नकल के आधार पर ग्रामीण आबादी की भूमि पर बैंक लोन ले सकेंगे। इसके साथ ही आबादी की भूमि संबंधी मुकदमों में कमी आएगी। मुकदमों का मानचित्र के आधार पर निस्तारण करने में आसानी हो सकेगी।
पहले चरण में चयनित रहे 10 गांव
स्वामित्व योजना के तहत केंद्र सरकार के पत्र व शासन के निर्देश पर जिले की सदर तहसील के 10 राजस्व गांवों का चयन पायलट प्रोजेक्ट के तहत किया गया था। पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित गांवों के ग्रामीणों को घरौनी का प्रमाण पत्र वितरित कर दिया। पहले चरण के कार्य की सफलता के बाद केंद्र सरकार के पत्र व शासन के निर्देश पर जिले के दो सौ गांवों का चयन किया गया है।
एक दिन में पांच गांवों की ली जाएगी ड्रोन से फोटो
मुख्य राजस्व अधिकारी शमशाद हुसैन ने बताया कि चयनित गांवों का दिसंबर के पहले सप्ताह में ही ड्रोन कैमरे से फोटो लेने का कार्य शुरू हो जाएगा। एक दिन में एक तहसील के पांच गांवों की फोटो ड्रोन से ली जाएगी। एक तहसील का कार्य समाप्त होने पर दूसरी तहसील के गांवों की फोटो ड्रोन से ली जाएगी।
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