सुल्तानपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विद्युत सखियों ने करीब 10 माह में 10.51 करोड़ रुपये का बिजली बिल वसूला है। इससे साल भर में कमीशन के रूप में उनकी 13.95 लाख रुपये की कमाई हुई है। इसे देखते हुए मिशन प्रत्येक गांव में एक विद्युत सखी को इस काम में लगाने की तैयारी में जुटा है।
एनआरएलएम की ओर से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को विद्युत सखी के रूप में चयनित करके वर्ष 2021 से बिजली बिल वसूली के काम में लगाया गया है। धीरे-धीरे महिलाओं की संख्या बढ़ते हुए मौजूदा समय में 168 तक पहुंच गई है।
मिशन के प्रबंधक जासेफ के मुताबिक जनवरी 2022 से लेकर नवंबर 2023 तक 168 विद्युत सखियों ने जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से 69,909 बिजली बिलों की वसूली की है। इसमें करीब 10 करोड़ 51 लाख रुपये की धनराशि उपभोक्ताओं से बिल के रूप में वसूली गई है। बिल वसूली में विद्युत सखियों को करीब 13 लाख 95 हजार रुपये की आय हुई है।
इनमें से कुछ विद्युुत सखियों का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है। इसे देखते हुए मिशन की ओर से प्रत्येक ग्राम पंचायत में विद्युत बिल की वसूली के कार्य में एक विद्युत सखी रखने की तैयारी शुरू हो गई है। मिशन के मुताबिक इसमें 979 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 639 ग्राम पंचायतों में विद्युत सखियों का चयन हो चुका है।
अन्य ग्राम पंचायतों में चयन की प्रक्रिया जारी है। चयन करके महिलाओं को विद्युत बिल वसूली व मीटर रीडिंग के काम में लगाया जाएगा। एनआरएलएम के प्रभारी उपायुक्त अजय कुमार पांडेय ने बताया कि महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए अब प्रत्येक ग्राम पंचायत में बिल वसूली के लिए विद्युत सखी को लगाया जाएगा। प्रक्रिया चल रही है।
पहले तो आई कुछ दिक्कत अब काम हुआ आसान
दूबेपुर विकास खंड की हसनपुर ग्राम पंचायत की निवासी व विद्युत सखी किरन जायसवाल ने बताया कि उन्होंने करीब एक साल में ढाई करोड़ रुपये का बिल वसूला है। इससे उन्हें करीब ढाई लाख रुपये की कमाई हुई है। बताया कि पहले तो कुछ दिक्कत आ रही थी लेकिन अब उपभोक्ताओं को विश्वास हो गया है। इस वजह से कोई दिक्कत नहीं आती है।
दोस्तपुर की हड़ई ग्राम पंचायत की विद्युत सखी पुष्पा ने बताया कि उन्होंने करीब दो साल से बिल वसूली का काम शुरू किया है। करीब साल भर में दो करोड़ रुपये का बिल वसूला है। इसमें उन्हें करीब दो लाख रुपये की कमाई हुई है। बताया कि गांव में रहकर बिल वसूली का काम अच्छा है। ग्रामीण क्षेत्र में वसूली पर वितरण निगम की ओर से करीब एक फीसदी कमीशन दिया जाता है।