सुल्तानपुर। भारत पर पूरे विश्व की नजर है। भारत की संस्कृति का भविष्य नारियों के हाथ में है। नारी शक्ति के जागरण की आवश्यकता है। ये बातें गायत्री परिवार के पांच दिवसीय कन्या कौशल शिविर के समापन अवसर पर रविवार को देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहीं।
रविवार को गायत्री परिवार की ओर से गनपत सहाय पीजी कॉलेज पयागीपुर में आयोजित पांच दिवसीय कन्या कौशल शिविर का समापन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में नारियों की विशेष भूमिका है। इस समय समूचे विश्व की निगाह भारत पर है। 21वीं सदी नारियों की है। नारियां भारत को विश्व गुरु बना सकती हैं।
शिविर में दीपयज्ञ के दौरान प्रभारी मंत्री आशीष पटेल का आगमन हुआ। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुधाकर सिंह ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। शांतिकुंज से आई टोली ने बच्चियों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षित किया। बच्चियों को सेवा कार्य, स्वास्थ्य व स्वावलंबन के बारे में जानकारी दी गई।
अंतिम दिन शिविर में यज्ञ व हवन भी किया गया। शिविर के पुस्तक मेला में आने को बच्चों को ज्ञानवर्धक पुस्तकें दी गईं। गायत्री परिवार की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम के समापन पर वर्ष 2026 तक सवा लाख बच्चियों को सेवाकार्य से जोड़ने का संकल्प लिया गया।
शिविर में लगभग 50 जिलों की बच्चियों ने कन्या कौशल सीखा। कन्याओं ने श्रेष्ठ मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। बच्चों को साहित्य बैग, कंबल व एक-एक पौधा भी दिया गया। गायत्री परिवार की ओर से आयोजित पांच दिवसीय कन्या कौशल शिविर में सात हजार से अधिक बच्चियों ने प्रतिभाग किया।