सुल्तानपुर। जिले में मनरेगा की जगह अब वीबीजी रामजी योजना लागू हो गई है। इस नई योजना के तहत मजदूर परिवारों को सालभर में अधिकतम 125 दिन तक रोजगार मिलेगा। यह पुरानी मनरेगा व्यवस्था के 100 दिन की सीमा से अधिक है।
योजना लागू होने के साथ रोजगार से जुड़ी पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी। मजदूरी का भुगतान भी इसी डिजिटल व्यवस्था के तहत किया जाएगा। जिले के 1,97,497 इलेक्ट्रॉनिक पहचान सत्यापन पूरी करा चुके मजदूर इसका लाभ उठा सकेंगे। काम की निगरानी के लिए कार्य शुरू होने, प्रगति और पूरा होने पर तीन स्तर पर फोटो अपलोड की जाएगी। सामग्री मद का भुगतान स्पर्श प्रवेशद्वार से होगा। जिला उपायुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि एक जुलाई से सभी नए काम वीबीजी रामजी योजना के तहत होंगे। बताया कि मनरेगा पोर्टल से अब केवल पुराने भुगतान किए जाएंगे। नए कार्य स्वीकृत नहीं होंगे।
जागरूकता अभियान और लंबित भुगतान
वीबीजी रामजी योजना की जानकारी गांव-गांव पहुंचाई जाएगी। दो जुलाई को जिले की 28 ग्राम पंचायतों में चौपाल आयोजित होंगी। इन चौपालों में ग्रामीणों को योजना की जानकारी दी जाएगी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का सीधा प्रसारण भी दिखाया जाएगा। मनरेगा का प्रवेशद्वार अभी 100 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान के लिए खुला रहेगा। यह भुगतान ग्राम पंचायतों द्वारा बिल न लगाने और कार्य अधूरे रहने के कारण फंसा है।