सुल्तानपुर। अगस्त में ही लक्ष्य से 75 हजार क्विंटल अधिक यूरिया की खेप पहुंच गई है। इसके बावजूद खाद के लिए हाहाकार मचा है। प्रशासन ने वितरण कराने के साथ डाटा खंगालने शुरू किया तो पता चला है कि दूसरे प्रदेशों के बने आधार कार्डों पर भी यूरिया की खरीद दर्शायी गई है।
मुंबई, गुजरात, दिल्ली व अन्य जगहों के आधार कार्डों पर जिले की साधन सहकारी समितियों व निजी दुकानों से यूरिया की खरीदारी का मामला सामने आ रहा है। यूरिया वितरण में काफी किसानों के नाम उनके रकबे से ज्यादा यूरिया की खरीद करना दर्शा दिया गया। कई बार में काफी किसानों के नाम 34 बोरी तक यूरिया की खरीद पोर्टल पर अंकित की गई है। जिले में करीब 4,2900 क्विंटल यूरिया आ चुकी है, फिर भी यूरिया की किल्लत है। पोर्टल की रिपोर्ट ने साधन सहकारी समितियों व निजी दुकानदारों की भूमिका को संदिग्ध बना दिया है।
गड़बड़ी मिलने पर संबंधित पर होगी कड़ी कार्रवाई
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एस सुधाकरन ने बताया कि गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए कृषि विभाग से पूरा विवरण मांगा है। कहा कि इसका सत्यापन उपजिलाधिकारियों से कराया जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।