सुल्तानपुर। सभी पुलिस थानों में लागू नए कानूनों में एफआईआर दर्ज की जाने लगी है। मगर यूपी कॉप से अपलोड प्राथमिकी के सातवें कॉलम में अभियुक्तों के नाम, संख्या व पते का ब्योरा नहीं है। ऐसे तीन केस सोमवार को कोतवाली नगर में दर्ज किए गए, जिसमें अभियुक्तों के विवरण का कॉलम खाली है। इससे पीड़ितों की उलझनें बढ़ गई हैं।
जिले के सभी थानों में सोमवार से भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। यूपी कॉप एप से डाउनलोड की जाने वाली एफआईआर की कॉपी के सातवें काॅलम में ज्ञात, अज्ञात, संदिग्ध का पूरे विवरण सहित वर्णन काॅलम में शून्य दर्शा रहा है। यूपी कॉप एप पर सोमवार को कोतवाली नगर में तीन केस अपलोड दर्शा रहा है। पहला केस दोपहर 2:06 बजे अपलोड किया गया।
इसमें अवैध शराब के साथ पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। दूसरा केस शाम छह बजे दर्ज किया। इसमें बाइक चोरी की घटना दर्ज की गई। तीसरा केस शाम 7:13 बजे अपलोड हुआ। इसमें ठगी के मामले में केस दर्ज किया गया। इन तीनों मुकदमाें की यूपी कॉप से अपलोड एफआईआर में सातवां कॉलम शून्य दर्शा रहा है। ऐसे में वादकारियों को केस की स्थिति समझने में परेशानी हो रही है।
यूपी कॉप एप व ऑनलाइन एफआईआर के अपडेशन का काम अभी चल रहा है। वैसे पुरानी घटना की एफआईआर अपलोड होने में सातवें कॉलम में अभियुक्तों का जिक्र नहीं दिख रहा है। जबकि तत्काल की घटना वाले केस में ऐसा नहीं है। अपडेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी।
- श्रीराम पांडेय, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर