सुल्तानपुर। शनिवार की सुबह से हो रही तेज बरसात से तेरये और महादेवा थौरी गांव में कच्चे मकान की दीवार ढह गई। दीवार के मलबे में दबकर दो महिलाओं की मौत हो गई जबकि गृहस्वामी समेत पांच लोग घायल हो गए। ग्रामीणों ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया है। सूचना के बाद राजस्व टीम के साथ ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया है।
पहला हादसा लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के तेरये गांव का है। गांव निवासी खेदूराम (55) का कच्चा मकान है। शुक्रवार की रात घर के सभी लोग भोजन के बाद घर में सो गए। शनिवार की सुबह से ही तेज बरसात हो रही थी। इस बीच खेदूराम के मकान की एक दीवार भर-भराकर घर में सो रहे लोगों पर ढह गई।
चीख-पुकार के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने दीवार के मलबे को हटाकर छह लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक सोमवारी देवी (52) पत्नी खेदूराम की मौत हो चुकी थी। गृहस्वामी खेदूराम (55), अनिल (25), सूरज (22), अभिषेक (18) व अंतिमा (14) घायल थे।
घायलों को ग्रामीणों ने आनन-फानन में सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया। ग्रामीणों की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। दूसरा मामला थौरी गांव का है।
गांव की बुजुर्ग करमइता (90) अपने जर्जर मकान में रहती थीं जबकि उनका परिवार आवासीय कॉलोनी में रहते हैं। शनिवार को अपराह्न करमइता पुराने मकान में लेटी थीं। अचानक एक कच्ची दीवार भर-भराकर करमइता पर गिर गई।
आस-पास लोग भागकर वहां पहुंचे और मलबे को हटाकर करमइता को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
तहसीलदार जितेंद्र गौतम ने बताया कि तेरये और महादेवा थौरी गांव में राजस्व कर्मियों ने पहुंचकर क्षति का आकलन किया है। दो महिलाओं की मौत हुई है और पांच लोग घायल हैं। मृतकों के परिवारीजनों को जल्द ही अहेतुक सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी।