सुल्तानपुर। मणिपुर में जारी हिंसा व आगजनी की घटनाओं में जिले के तीन छात्र फंस गए हैं। घटनाओं से दहशत में आए छात्र बातचीत करने से बच रहे हैं। एक छात्र लौट रहा है तो दो अभी तक फंसे हुए हैं।
मणिपुर में जारी हिंसा के बीच जिले के बीटेक के तीन छात्र फंस गए हैं। उनमें से एक लंभुआ के परसुरामपुर निवासी अंकित उपाध्याय व दूसरा अखंडनगर थाना क्षेत्र के पौधन रामपुर निवासी कमलसेन है। दोनों इंफाल स्थित एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) में बीटेक के छात्र हैं। जिले का एक अन्य छात्र नीरज भी हास्टल में फंसा है। इंटरनेट सेवाएं बंद होने से छात्रों के पास पैसे की दिक्कत हो गई है।
कमलसेन के पिता रामचरन ने बताया कि बेटे से सुबह बात हुई थी। उसने बताया था कि वह घर आना चाहता है लेकिन उसके पास पैसे नहीं हैं। इंटरनेट सेवा बंद होने से उसे पैसा नहीं भेज पा रहा हूं। रामचरन के मुताबिक दंगे की वजह से जिले के कई छात्र अलग-अलग हॉस्टलों में फंसे हैं लेकिन वे कर्फ्यू की वजह से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। अभी खाना मिल रहा है लेकिन आगे दिक्कत हो जाएगी।
ईंट भट्ठे पर काम करने वाले रामचरन ने बताया कि आसपास का पूरा इलाका जल रहा है। हॉस्टल के बाहर का मंजर बहुत भयावह है। फिलहाल सोमवार या फिर मंगलवार को टिकट कराने की बात बेटा बता रहा था। बताया कि जान जोखिम में है। बेटे को किसी तरह वहां से वापस आने के लिए कहा गया है।
लंभुआ निवासी अंकित उपाध्याय ने बताया कि वह किसी तरह फ्लाइट से कोलकाता से निकल चुका है। आठ मई को सुल्तानपुर पहुंचने की उम्मीद है। बातचीत में बताया कि जिले का एक नीरज नामक छात्र भी हॉस्टल में फंसा है। दंगे की वजह से वह निकल नहीं पाया है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि अभी तक उन्हें छात्रों के फंसे होने की जानकारी नहीं मिली है। जानकारी करके छात्रों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हरसंभव कदम उठाया जाएगा।