क्षेत्र में लगातार हुई बारिश से मालती नदी के साथ नालों व ड्रेनों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। मालती नदी के तेज बहाव से क्षेत्र के गोसाईगंज से पूरबगांव व ननकूदास की कुटी से नरैनी को जाने वाली सड़क बह गई।
दो स्थानों पर सड़क टूटकर पानी में बहने व कई सड़कें पानी में डूबने से दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है। नदी व नालों का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों बीघा फसल डूब गई है। नदी के आसपास के गांवों में लोगों के मकान चौतरफा पानी से घिरे हैं। ग्रामीणों की सूचना के बावजूद प्रशासन मामले को लेकर उदासीन है।
15 अगस्त से लगातार हुई बारिश से मालती नदी के साथ क्षेत्र के सभी नाले व ड्रेन उफान पर हैं। नदी के तेज बहाव से गोसाईगंज बाजार से पूरबगांव को जाने वाला संपर्क मार्ग नदी पर बने पुल के पहले पानी में बह गया। संपर्क मार्ग टूटकर बहने से कई गांवों के लोगों का आवागमन ठप हो गया है।
शाहबरी रोड पर स्थित ननकूदास की कुटी से नरैनी जाने वाला संपर्क मार्ग भी पानी में समा गया है। दो स्थानों पर सड़क कटकर बहने व कई सड़कों पर पानी भरने से दर्जनों गांवों के लोगों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। लोगों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने केे लिए कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है।
चतुर्भुजपुर से एसीसी टिकरिया सीमेंट फैक्ट्री जाने वाली सड़क भी अगहर गांव के पास बने पुल पर एक ओर तकरीबन कट कर पानी में समा गई है। बीच में बचे सड़क के कुछ भाग से लोग जान जोखिम में डालकर पैदल निकल रहे हैं। सोमपुर से कटरा जाने वाले मार्ग पर भी जलभराव हो गया है।
धौरहरा गांव जाने वाले मार्ग पर करीब दो फीट ऊंचा पानी बह रहा है। मालती नदी व पैंगा ड्रेन के उफान पर होने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। करीब दर्जन भर गांवों में लोगों के मकान चौतरफा पानी से घिर गए हैं।